दैनिक खबरनामा ब्यूरो। वाशिंगटन, 19 अगस्त: सोशल मीडिया कंपनी मेटा एक बार फिर कानूनी घेरे में है। 29 अमेरिकी राज्यों की तरफ से दायर मुकदमे में कंपनी पर आरोप लगा है कि उसने अपने भीतर हुई एक रिसर्च के नतीजों को जानबूझकर सार्वजनिक नहीं किया। रिपोर्ट में कथित तौर पर यह बात सामने आई थी कि इंस्टाग्राम किशोर उम्र के यूजर्स के लिए लत जैसा बन सकता है।
‘द गार्डियन’ की खबर के मुताबिक यह मामला कैलिफोर्निया के ओकलैंड स्थित एक संघीय अदालत में शुरू हुआ है। सुनवाई करीब छह से आठ हफ्ते तक चल सकती है।
क्या है आरोप
राज्यों के वकीलों का कहना है कि मेटा ने फेसबुक और इंस्टाग्राम में ऐसे फीचर जानबूझकर जोड़े, जो युवा यूजर्स को ज्यादा देर तक ऐप पर रोकें। आरोप है कि कंपनी को पहले से मालूम था कि इनमें से कुछ फीचर किशोरों की मानसिक सेहत पर बुरा असर डाल सकते हैं, फिर भी कोई सुधार नहीं किया गया।
अदालत में कैलिफोर्निया की डिप्टी अटॉर्नी जनरल मेगन ओ’नील ने जूरी के सामने पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि जोखिम की जानकारी होने के बावजूद मेटा ने जरूरी कदम नहीं उठाए।
ओ’नील ने जूरी चयन के दौरान हुई बातचीत का हवाला देते हुए कहा: “बच्चों की सेहत और भलाई सबकी मिली-जुली जिम्मेदारी है। मेटा ने इस जिम्मेदारी को निभाने में चूक की।”
वकीलों ने जांच के दौरान मिले आंतरिक दस्तावेज और गवाहों के बयान पेश करने की बात कही। एक दस्तावेज में कथित तौर पर लिखा था कि “युवा सबसे अच्छे यूजर्स होते हैं।” दूसरे नोट में कहा गया कि किशोर भले ही अच्छा महसूस न करें, फिर भी इंस्टाग्राम का इस्तेमाल छोड़ नहीं पाते। ओ’नील ने कहा कि कंपनी को यह पता था और उसने बार-बार कमाई को तरजीह दी।
13 साल से कम उम्र के डेटा का मुद्दा
अक्टूबर 2023 में दायर 233 पन्नों के मुकदमे में एक और गंभीर आरोप जोड़ा गया है। राज्यों का कहना है कि मेटा ने माता-पिता की अनुमति के बिना 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का डेटा इकट्ठा किया। उनका तर्क है कि यह संघीय और राज्य कानूनों का उल्लंघन है।
राज्यों ने अदालत से मांग की है कि मेटा उन फीचर्स को हटाए या बदले जिन्हें नुकसानदेह माना जा रहा है। अगर कंपनी दोषी ठहराई जाती है तो उस पर 200 अरब डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
मेटा का जवाब
इन सभी आरोपों को मेटा ने खारिज किया है। कंपनी के वकील पॉल श्मिट ने कहा कि राज्यों की तरफ से पेश किए गए ईमेल और आंतरिक दस्तावेजों को उनके मूल संदर्भ से अलग करके दिखाया गया है। उनके अनुसार इसे चुनिंदा तरीके से पेश किया गया है ताकि कंपनी की छवि खराब की जा सके।