दैनिक खबरनामा। सोलन, 11 जून:  डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से विद्यार्थियों के लिए कई नए और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य कृषि, व्यवसाय प्रबंधन और संबद्ध विज्ञानों के क्षेत्र में युवाओं के लिए बेहतर करियर अवसर उपलब्ध कराना है।

विश्वविद्यालय ने पहली बार बीएससी (ऑनर्स) एग्रीबिजनेस मैनेजमेंट कार्यक्रम शुरू किया है, जिसमें 50 सीटें निर्धारित की गई हैं। यह चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम कृषि विज्ञान और व्यवसाय प्रबंधन के सिद्धांतों का समन्वय करते हुए विद्यार्थियों को एग्रीबिजनेस उद्यमों, सप्लाई चेन प्रबंधन और कृषि आधारित उद्योगों के संचालन के लिए तैयार करेगा। इस कोर्स के स्नातक एग्रीबिजनेस मैनेजर, मार्केटिंग प्रोफेशनल या कृषि उद्यमी के रूप में अपना करियर बना सकेंगे।

विश्वविद्यालय पहले से एमबीए (एग्रीबिजनेस मैनेजमेंट) संचालित कर रहा है और अब एमबीए (जनरल) कार्यक्रम को भी पुनः शुरू किया गया है। इसमें भी 50 सीटें निर्धारित की गई हैं। इसके अलावा, स्नातकोत्तर स्तर पर एमएससी एग्रीकल्चरल मेटेरोलॉजी (कृषि मौसम विज्ञान) कार्यक्रम की भी शुरुआत की गई है।

प्रवेश योग्यता

बीएससी (ऑनर्स) एग्रीबिजनेस मैनेजमेंट में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से जमा दो या समकक्ष परीक्षा अंग्रेजी विषय सहित भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित, कृषि या संबंधित विषयों के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है। प्रवेश मेरिट के आधार पर किया जाएगा।

एमएससी एग्रीकल्चरल मेटेरोलॉजी में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी के पास बीएससी (ऑनर्स) एग्रीकल्चर, हॉर्टिकल्चर, फॉरेस्ट्री या संबंधित चार वर्षीय स्नातक डिग्री होना आवश्यक है। साथ ही न्यूनतम 6.00/10.00 ओजीपीए अथवा 60 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं।

आवेदन की अंतिम तिथियां

बीएससी (ऑनर्स) एग्रीबिजनेस मैनेजमेंट के लिए ऑनलाइन आवेदन 23 जुलाई तक किए जा सकते हैं, जबकि लेट फीस के साथ आवेदन 27 जुलाई तक स्वीकार होंगे। चयनित अभ्यर्थियों की मेरिट सूची 31 जुलाई को जारी की जाएगी।

एमबीए (जनरल) और एमएससी एग्रीकल्चरल मेटेरोलॉजी कार्यक्रमों के लिए आवेदन 30 जून तक किए जा सकते हैं। लेट फीस के साथ आवेदन की अंतिम तिथि 6 जुलाई निर्धारित की गई है। इन दोनों पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा 12 जुलाई को विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर नौणी में आयोजित होगी।

अन्य पाठ्यक्रम भी उपलब्ध

विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर नौणी तथा कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री, नेरी और थुनाग में बीएससी (ऑनर्स) हॉर्टिकल्चर और बीएससी (ऑनर्स) फॉरेस्ट्री कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा बीएससी एग्रीकल्चर (ऑनर्स) इन नेचुरल फार्मिंग, बीटेक फूड टेक्नोलॉजी, बीटेक बायोटेक्नोलॉजी सहित कई तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रम भी उपलब्ध हैं।

स्नातकोत्तर स्तर पर हॉर्टिकल्चर, फूड प्रोसेसिंग, बायोटेक्नोलॉजी, प्लांट पैथोलॉजी, पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट, सीड साइंस, वेजिटेबल साइंस, एग्रीकल्चरल इकोनॉमिक्स, एनवायरमेंटल साइंस, माइक्रोबायोलॉजी, फॉरेस्ट रिसोर्स मैनेजमेंट और सिल्वीकल्चर जैसे अनेक विशेषज्ञता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

सामान्य श्रेणी की स्नातक सीटों के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित की गई है, जबकि स्ववित्तपोषित सीटों के लिए आवेदन 23 जुलाई तक किए जा सकते हैं। स्नातक कार्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा 5 जुलाई को सोलन, हमीरपुर, सुंदरनगर, पालमपुर और रामपुर में आयोजित होगी, जबकि स्नातकोत्तर कार्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा 12 जुलाई को होगी।

Share to :
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

दूसरे राज्य से विवाह कर हिमाचल आने वाली महिलाओं को नहीं मिलेगा आरक्षण, हाईकोर्ट ने खारिज की चारों अपीलें

दैनिक खबरनामा। शिमला, 4 जून 2026:हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एक…
Share to :

हिमाचल से पंजाब तक कांपी धरती: चंबा केंद्रित 5 तीव्रता के भूकंप से दहशत, कई जिलों में महसूस हुए झटके

दैनिक खबरनामा। कांगड़ा, 5 जून 2026: हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार रात भूकंप…
Share to :

हिमाचल में आपदा प्रबंधन की मेगा मॉक ड्रिल में उजागर हुईं खामियां, रिस्पॉन्स टाइम और समन्वय पर उठे सवाल

दैनिक खबरनामा। शिमला, 15 जून : हिमाचल प्रदेश में भूकंप, बादल फटने,…
Share to :

आध्यात्मिकता को मिला संगीत जगत का सर्वोच्च सम्मान: दलाई लामा को ग्रैमी अवॉर्ड, शांति और करुणा के संदेश की वैश्विक स्वीकृति

दैनिक खबरनामा। धर्मशाला, 3 जून: विश्वभर में शांति, करुणा और अहिंसा के…
Share to :