दैनिक खबरनामा। लंदन/नई दिल्ली, 11 जून: अमेरिका ने गुरुवार को पुष्टि की कि ओमान के तट के पास भारतीय चालक दल वाले तेल टैंकर जलवीर  के इंजन कक्ष को निशाना बनाते हुए अमेरिकी विमान ने दो मिसाइलें दागीं। हालांकि, जहाज पर सवार सभी 20 चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और उन्हें निकाला जा रहा है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड  के अनुसार, अमेरिकी बलों ने गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले इस टैंकर के खिलाफ कार्रवाई की क्योंकि वह कथित रूप से ओमान की खाड़ी के रास्ते ईरानी तेल ले जाने का प्रयास कर रहा था। सेंटकॉम ने दावा किया कि चालक दल ने अमेरिकी बलों के निर्देशों का बार-बार पालन नहीं किया, जिसके बाद जहाज के इंजन कक्ष को निशाना बनाया गया।

इससे एक दिन पहले ओमान के पास सेट्टेबेलो  नामक टैंकर पर अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। वहीं, सोमवार को मारिवेक्स तेल टैंकर को भी अमेरिकी सेना ने सटीक हथियारों के जरिए निष्क्रिय कर दिया था। इस तरह एक सप्ताह के भीतर भारतीय चालक दल वाले तीन टैंकर अमेरिकी कार्रवाई का शिकार बन चुके हैं।

भारत सरकार ने इस घटनाक्रम पर चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि ऐसे हमले तत्काल बंद होने चाहिए। वहीं, भारतीय नौवहन मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि जलवीर के सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और उन्हें ओमान की रॉयल नेवी के सहयोग से निकाला जा रहा है।

अमेरिका ने 13 अप्रैल को ईरान से जुड़े समुद्री व्यापार के खिलाफ नाकाबंदी शुरू की थी। उसका आरोप है कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है।

सेंटकॉम का कहना है कि नाकाबंदी लागू करने के दौरान जिन जहाजों पर कार्रवाई की गई, उनमें चालक दल ने अमेरिकी निर्देशों का पालन नहीं किया। गुरुवार तक अमेरिकी सेना ने नौ “गैर-अनुपालक” जहाजों को निष्क्रिय करने, 135 जहाजों का मार्ग बदलने और मानवीय सहायता ले जा रहे 42 जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने का दावा किया है।

अमेरिकी कार्रवाई का निशाना केवल ईरानी जहाज ही नहीं, बल्कि ईरानी माल ढोने वाले अन्य पोत भी बन रहे हैं। इनमें तथाकथित “शैडो फ्लीट” टैंकर शामिल हैं, जो आमतौर पर पुराने जहाज होते हैं और पश्चिमी बीमा के बिना प्रतिबंधित तेल के परिवहन के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। ये जहाज विभिन्न देशों के झंडों के तहत संचालित होकर अपनी वास्तविक मालिकाना जानकारी, माल और गतिविधियों को छिपाने का प्रयास करते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय चालक दल वाले तीनों टैंकरों में से केवल मारिवेक्स ही अमेरिकी प्रतिबंधों की सूची में शामिल था।

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