दैनिक खबरनामा। शिमला, 14 जून : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का दो दिवसीय शिमला दौरा हिमाचल प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे गया है। प्रदेश भाजपा में लंबे समय से मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरे को लेकर चल रही अटकलों के बीच नड्डा का एक बयान राजनीतिक हलकों में खासा चर्चा का विषय बन गया है।

ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) के मुद्दे पर भविष्य की रणनीति को लेकर नड्डा ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का नाम प्रमुखता से लेते हुए कहा कि आगे क्या कदम उठाने हैं, इसका निर्णय जयराम ठाकुर और पार्टी के अन्य नेता करेंगे। उनके इस बयान को राजनीतिक पर्यवेक्षक केवल ओपीएस तक सीमित नहीं मान रहे, बल्कि इसे आगामी विधानसभा चुनावों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देख रहे हैं।

जयराम ठाकुर की भूमिका को मिली मजबूती

नड्डा की टिप्पणी को संगठन और विधायक दल के भीतर जयराम ठाकुर की बढ़ती स्वीकार्यता और प्रभाव का संकेत माना जा रहा है। वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष के रूप में जयराम प्रदेश भाजपा का सबसे प्रमुख चेहरा हैं और पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व में उनकी स्थिति मजबूत मानी जाती है।

हालांकि भाजपा में कई अन्य वरिष्ठ नेता भी भविष्य की राजनीतिक संभावनाओं के दावेदार माने जाते हैं, लेकिन नड्डा द्वारा सार्वजनिक रूप से जयराम ठाकुर का उल्लेख किए जाने के बाद उनकी भूमिका को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

समर्थकों में उत्साह, अन्य खेमों में बढ़ी बेचैनी

नड्डा के बयान के बाद जयराम समर्थक कार्यकर्ताओं और नेताओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। वे इसे केंद्रीय नेतृत्व के जयराम ठाकुर पर भरोसे और उनके नेतृत्व की स्वीकार्यता के रूप में देख रहे हैं।

वहीं, मुख्यमंत्री पद की संभावित दौड़ में शामिल अन्य नेताओं के समर्थकों के बीच इस बयान को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस टिप्पणी ने पार्टी के भीतर भविष्य के नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं को नई दिशा दे दी है।

सीएम चेहरे पर फिर शुरू हुई बहस

भाजपा की परंपरा रही है कि मुख्यमंत्री पद के चेहरे का अंतिम फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व और संसदीय बोर्ड करता है। इसके बावजूद शीर्ष नेताओं के सार्वजनिक बयान अक्सर राजनीतिक संकेतों के तौर पर देखे जाते हैं।

ऐसे में नड्डा की टिप्पणी ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि 2027 के हिमाचल विधानसभा चुनाव में भाजपा का प्रमुख चेहरा कौन होगा। फिलहाल पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि नड्डा के इस बयान की राजनीतिक गूंज आने वाले चुनावों तक सुनाई देती रहेगी।

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