दैनिक खबरनामा 5 मई 2026 न्यूजीलैंड सरकार द्वारा इमिग्रेशन पॉलिसी में किए गए हालिया बदलावों का असर अब भारतीयों, खासकर पंजाब के युवाओं पर साफ दिखाई देने लगा है। नई व्यवस्था के तहत वीजा प्रक्रिया को पहले से अधिक सख्त बना दिया गया है, जिससे स्टूडेंट और वर्क वीजा दोनों प्रभावित हो रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 42 प्रतिशत स्टडी वीजा रद्द किए जा चुके हैं, जबकि वर्क वीजा रिजेक्शन रेट भी तेजी से बढ़ा है।
नए नियमों के अनुसार, वीजा फीस में बढ़ोतरी के साथ-साथ आवेदकों को अपने खाते में कम से कम 11.20 लाख रुपये दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा अंग्रेजी भाषा टेस्ट अब सभी के लिए जरूरी कर दिया गया है, चाहे वह क्लीनर, ड्राइवर या फैक्ट्री वर्कर जैसी नौकरियों के लिए ही क्यों न जा रहे हों।सबसे बड़ा बदलाव वर्क वीजा के लिए तय न्यूनतम वेतन को लेकर किया गया है। 9 मार्च 2026 से औसत वेतन करीब 1,960 रुपये प्रति घंटा निर्धारित किया गया है, जिससे कंपनियों के लिए कम स्किल वाले कर्मचारियों को बुलाना मुश्किल हो गया है। इसके चलते न केवल नई भर्ती प्रभावित हो रही है, बल्कि पहले से काम कर रहे लोग भी अपने परिवार को बुलाने में असमर्थ हो रहे हैं।
साथ ही, ओपन वर्क वीजा पर भी सख्ती बढ़ा दी गई है। अब ऐसे वीजा धारकों को स्वतंत्र रूप से काम करने या छोटा व्यवसाय शुरू करने की अनुमति नहीं होगी, बल्कि उन्हें किसी कंपनी के तहत ही नौकरी करनी होगी। इसके अलावा, सरप्राइज इंटरव्यू में असफल होने पर तत्काल डिपोर्ट करने का भी प्रावधान किया गया है।हर साल पंजाब से हजारों छात्र और युवा न्यूजीलैंड जाते हैं, लेकिन नए नियमों के चलते अब उनके लिए यह रास्ता पहले से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है।