दैनिक ख़बरनामा 12 मई 2026 लारजी (कुल्लू)। सैंज घाटी की ग्राम पंचायत कनौन के ग्रामीण आज भी सड़क सुविधा के इंतजार में हैं। ग्रामीणों ने वर्ष 2020 में लोक निर्माण विभाग को सड़क निर्माण के लिए अपनी जमीन गिफ्ट डीड के माध्यम से सौंप दी थी, लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी विभाग केवल एक किलोमीटर सड़क का ही निर्माण कर पाया है। बरमाड़ी-क्लीउन सड़क अधूरी रहने से लोगों को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि आधुनिक दौर में सड़क जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव क्षेत्र के विकास में बड़ी बाधा बना हुआ है। पंचायत की अधिकांश आबादी कृषि और बागवानी पर निर्भर है। सड़क न होने के कारण किसानों और बागवानों को अपनी फसल मंडियों तक पहुंचाने के लिए अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
इस सड़क के बनने से बरमाड़ी, देहुरी, शाड़, जउल, क्लीउन सहित आसपास के कई गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि लंबित सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और निर्माण में आ रही बाधाओं को जल्द दूर किया जाए, ताकि लोगों को बुनियादी सुविधा मिल सके।इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता पंकज ने बताया कि बरमाड़ी-क्लीउन सड़क निर्माण में वन विभाग की भूमि भी शामिल है। इसके लिए वन स्वीकृति (एफसीए) की प्रक्रिया जारी है।
स्थानीय निवासी मनीष ने कहा कि ग्रामीणों ने पांच साल पहले सड़क निर्माण के लिए अपनी जमीन दान कर दी थी, लेकिन आज तक सड़क पूरी नहीं बन सकी। इसके चलते कनौन पंचायत के लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क जीवन का आधार होती है, लेकिन बरमाड़ी-क्लीउन सड़क का अधूरा निर्माण क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। पंचायत की करीब 95 प्रतिशत आबादी कृषि और बागवानी से जुड़ी है और सड़क सुविधा न होने से उन्हें लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।