दैनिक खबरनामा । रियासी, 15 जून: पगियाला बाजार में हाल ही में हुए अग्निकांड के बाद क्षेत्रवासियों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि 17 दिसंबर 2024 को हुए भीषण अग्निकांड में 31 दुकानों के जलने के बावजूद आज तक क्षेत्र में स्थायी अग्निशमन केंद्र स्थापित नहीं किया गया। डेढ़ वर्ष बाद दोबारा आग लगने की घटना ने प्रशासनिक तैयारियों और आपदा प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, दिसंबर 2024 में लगी भीषण आग से बाजार की 19 दुकानें प्रभावित हुई थीं। कई दोमंजिला दुकानों को अलग-अलग इकाइयों में गिने जाने पर कुल 31 दुकानें और उनमें रखा लाखों रुपये का सामान नष्ट हो गया था। उस समय भी क्षेत्र में स्थायी फायर स्टेशन की मांग जोर-शोर से उठी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
लोगों का कहना है कि पगियाला की दूरी जिला मुख्यालय रियासी से 100 किलोमीटर से अधिक है। दुर्गम पहाड़ी मार्ग होने के कारण अग्निशमन वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। ऐसे में आग लगने के शुरुआती महत्वपूर्ण मिनटों में राहत नहीं मिल पाती और नुकसान कई गुना बढ़ जाता है।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि कुछ समय के लिए माहौर में अग्निशमन वाहन और कर्मचारियों की व्यवस्था की गई थी, जिससे आपातकालीन स्थितियों में राहत मिलती थी। हालांकि बाद में यह सुविधा हटा ली गई। उनका मानना है कि यदि यह व्यवस्था जारी रहती तो हालिया अग्निकांड सहित कई घटनाओं में नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था।
ताजा घटना के बाद पगियाला और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने एक बार फिर सरकार और प्रशासन से स्थायी अग्निशमन केंद्र स्थापित करने की मांग की है। उनका कहना है कि बार-बार होने वाली ऐसी घटनाओं से सबक लेते हुए अब ठोस और स्थायी समाधान किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।