दैनिक खबरनामा 7 मार्च 2026 न्यायिक प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के बीच पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा कदम उठाया है। हाईकोर्ट प्रशासन ने सभी न्यायिक अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए फैसले लिखने और कानूनी शोध के लिए किसी भी AI टूल के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।जारी आदेश के अनुसार, अधीनस्थ अदालतों के जज अब ChatGPT, Google Gemini, Microsoft Copilot और Meta जैसे प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।सोमवार को यह निर्देश पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के सभी जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को भेजे गए। आदेश में कहा गया कि मुख्य न्यायाधीश के निर्देशानुसार सभी न्यायिक अधिकारी AI टूल्स का उपयोग तुरंत प्रभाव से बंद करें।हाईकोर्ट ने साफ चेतावनी दी है कि निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यह कदम न्यायिक प्रक्रिया की स्वतंत्रता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। साथ ही, AI से तैयार सामग्री की सटीकता, स्रोत और कानूनी वैधता को लेकर पहले भी चिंताएं जताई जा चुकी हैं।गौरतलब है कि इससे पहले गुजरात हाईकोर्ट भी अदालतों में आदेश और निर्णय तैयार करने के लिए AI के उपयोग पर प्रतिबंध लगा चुका है।
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