दैनिक खबरनामा | 11 अगस्त | चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में नेताओं के बीच चल रही अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आती दिख रही है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच मतभेदों के बीच नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के तेवर भी सख्त नजर आ रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस के 15 विधायकों ने चंडीगढ़ में एक बैठक कर पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने पंजाब से जुड़े मुद्दे रखने का फैसला किया है।
बैठक में शामिल विधायकों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात का समय मांगा है। इसके लिए उन्हें पत्र भी भेजा गया है। विधायक पंजाब कांग्रेस की मौजूदा स्थिति, पार्टी नेताओं के बीच चल रहे मतभेद और संगठन से जुड़े मुद्दों पर हाईकमान के सामने अपनी बात रखना चाहते हैं।
राहुल गांधी से मिलने की तैयारी, दिल्ली पहुंचे प्रताप सिंह बाजवा
15 विधायकों की ओर से राहुल गांधी को पत्र भेजे जाने के बाद पंजाब कांग्रेस की सियासत में हलचल तेज हो गई है। इसी बीच प्रताप सिंह बाजवा के दिल्ली पहुंचने से इस घटनाक्रम को और अहम माना जा रहा है।
बताया गया कि इससे पहले पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल जब पंजाब के दौरे पर आए थे, उस दौरान विधानसभा का सत्र चल रहा था। ऐसे में कई विधायक उनसे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात नहीं कर सके थे। अब विधायकों ने सीधे पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से संपर्क साधने का रास्ता चुना है।
हालांकि, राहुल गांधी की ओर से विधायकों को मुलाकात के लिए समय दिए जाने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
काला ढिल्लों बोले- पार्टी के मंच पर ही रखेंगे अपनी बात
पूरे मामले पर बरनाला से कांग्रेस विधायक कुलदीप सिंह ‘काला ढिल्लों’ ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस के विधायकों की लंबे समय से राहुल गांधी के साथ सीधी बैठक नहीं हुई है। ऐसे में मौजूदा राजनीतिक और संगठनात्मक परिस्थितियों को लेकर पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी बात रखना जरूरी महसूस किया गया।
काला ढिल्लों के मुताबिक, विधायकों की कोशिश पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों और नेताओं के बीच मनमुटाव की जानकारी राहुल गांधी तक पहुंचाने की है। उन्होंने कहा कि वे सभी कांग्रेस के वफादार कार्यकर्ता और सिपाही हैं तथा अपनी समस्याएं पार्टी के उचित मंच पर ही रखेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल का उद्देश्य किसी नए विवाद को जन्म देना नहीं, बल्कि पंजाब कांग्रेस में आपसी मतभेद खत्म कर संगठन को मजबूत और एकजुट करना है।