दैनिक खबरनामा| चंडीगढ़, 16 जून 2026. पंजाब सरकार ने बुजुर्गों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर जीवन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य के सरकारी सहायता प्राप्त वृद्धाश्रमों के लिए 4.10 करोड़ रुपये की अनुदान राशि जारी की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार का उद्देश्य वृद्धजनों को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है ताकि वे आत्मसम्मान के साथ जीवन व्यतीत कर सकें।
सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं, जिनके अनुभव और योगदान ने परिवारों तथा समाज को मजबूत आधार प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य का कोई भी बुजुर्ग स्वयं को अकेला, असुरक्षित या उपेक्षित महसूस न करे।
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान सरकार और गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से संचालित 15 वृद्धाश्रमों को यह वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। इस राशि का उपयोग बुजुर्गों के लिए बेहतर आवास, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं को सुदृढ़ करने में किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य में वर्तमान समय में 26 वृद्धाश्रम पंजीकृत हैं, जो जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित और सम्मानजनक आश्रय प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सरकार इन संस्थाओं की कार्यक्षमता और सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
बुजुर्गों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने एल्डर हेल्पलाइन 14567 को भी प्रभावी बनाया है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के साथ होने वाली उपेक्षा, दुर्व्यवहार, शोषण अथवा अन्य समस्याओं से संबंधित शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं। प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाता है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक पहचान इस बात से होती है कि वह अपने बुजुर्गों को कितना सम्मान और संरक्षण देता है। पंजाब सरकार वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उनके जीवन को अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और खुशहाल बनाने के लिए हरसंभव कदम उठाती रहेगी।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि “हमारे बुजुर्ग हमारा मान-सम्मान हैं। उनकी खुशहाली और मुस्कान ही सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों की सबसे बड़ी सफलता है।” उन्होंने समाज से भी अपील की कि बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान का भाव बनाए रखें तथा उनके अनुभवों और मार्गदर्शन का लाभ उठाएं।