दैनिक खबरनामा। शिमला, 4 जुलाई : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के पचपदरा में एसजेवीएन द्वारा विकसित 1000 मेगावाट क्षमता वाली बीकानेर सौर विद्युत परियोजना का उद्घाटन किया। इस परियोजना को देश के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जो स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ भारत के सतत विकास और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को नई गति देगी।
उद्घाटन समारोह में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय विद्युत एवं आवासन-शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और डॉ. प्रेम चंद वैरवा सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता समेत कंपनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।
एसजेवीएन की सहयोगी कंपनी एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एसजीईएल) द्वारा विकसित यह परियोजना राजस्थान के बीकानेर जिले में लगभग 5,000 एकड़ क्षेत्र में स्थापित की गई है। करीब 5,492 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह परियोजना घरेलू सामग्री आवश्यकता (डीसीआर) श्रेणी के तहत भारत की सबसे बड़ी एकल ईपीसी सौर परियोजना है, जिसमें पूरी तरह स्वदेशी तकनीक और उपकरणों का उपयोग किया गया है।
परियोजना से पहले वर्ष में लगभग 2,454.84 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन का अनुमान है, जबकि 25 वर्षों की परिचालन अवधि में यह करीब 56,482.14 मिलियन यूनिट स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन करेगी। इस परियोजना से उत्पादित बिजली का वितरण राजस्थान को 500 मेगावाट, उत्तराखंड को 200 मेगावाट और जम्मू-कश्मीर को 300 मेगावाट के अनुपात में किया जाएगा, जिससे तीनों राज्यों को दीर्घकालिक एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
एसजेवीएन के अनुसार, यह परियोजना अपने पूरे परिचालन काल में लगभग 2.79 बिलियन किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद करेगी। इससे भारत के जलवायु परिवर्तन से जुड़े लक्ष्यों को हासिल करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
परियोजना ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को भी प्रोत्साहित करती है। इसके निर्माण में लगभग 24.22 लाख स्वदेशी डीसीआर सौर मॉड्यूल और करीब 175 करोड़ घरेलू स्तर पर निर्मित सौर सेल का उपयोग किया गया है, जिससे देश के सौर विनिर्माण उद्योग को बढ़ावा मिला है।
स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के अलावा परियोजना ने स्थानीय स्तर पर रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। निर्माण और कमीशनिंग के दौरान 2,000 से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हुए। साथ ही सड़क, ट्रांसमिशन नेटवर्क और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास से बीकानेर क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिली है।
विद्युत मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एसजेवीएन की वर्तमान स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता 4,196.5 मेगावाट है। कंपनी 123 किलोमीटर लंबी दो ट्रांसमिशन लाइनों का भी संचालन कर रही है। बीकानेर सौर परियोजना के उद्घाटन के साथ एसजेवीएन ने देश में हरित ऊर्जा क्षमता बढ़ाने और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।