दैनिक खबबनामा। चंडीगढ़, 21 जुलाई: आठ साल पुराने एक रिश्वतखोरी मामले में गवाह को लगातार धमकियां मिलने का आरोप सामने आया है। इस कारण मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। परेशान गवाह ने सीबीआई की विशेष अदालत में अर्जी लगाकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने सीबीआई और चंडीगढ़ पुलिस के एसएसपी को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया है।
यह पूरा प्रकरण मई 2018 का है। सीबीआई ने उस समय चंडीगढ़ पुलिस के सब-इंस्पेक्टर सेवा सिंह को रंगे हाथ पकड़ा था। आरोप था कि सेवा सिंह ने कॉलोनी नंबर-4 के रहने वाले मुन्ना कुमार से 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
शिकायत के मुताबिक मुन्ना कुमार एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करता था। एक दिन सेवा सिंह कुछ अन्य पुलिसकर्मियों के साथ उसकी दुकान पर पहुंचे। वहां उन्होंने मुन्ना को डराया कि उसकी बाइक जब्त कर ली जाएगी और उसके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट निकलवाया जाएगा। इसके बाद ही उन लोगों ने पैसे की मांग की।
धमकी और दबाव से तंग आकर मुन्ना ने सीबीआई से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। उसी शिकायत के आधार पर सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए सेवा सिंह को गिरफ्तार किया था।
अब आठ साल बाद उसी केस में गवाह ने अदालत को बताया कि उसे मामले में गवाही न देने के लिए डराया-धमकाया जा रहा है। गवाह ने जान-माल का खतरा बताते हुए सुरक्षा देने की मांग की है।
इस अर्जी पर सीबीआई की विशेष अदालत ने गंभीरता दिखाते हुए सीबीआई और चंडीगढ़ पुलिस के एसएसपी को नोटिस जारी किया है। अदालत ने दोनों से पूछा है कि गवाह की सुरक्षा के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।