दैनिक खबरनामा। कांगड़ा, 21 जुलाई: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में मूसलाधार बारिश के बीच बादल फटने की घटना ने शाहपुर क्षेत्र में भारी नुकसान पहुंचाया है। शाहपुर की बोह घाटी में स्पैड़ा और गढ़गून गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, जहां अचानक आए सैलाब ने दर्जनों घरों को अपनी चपेट में ले लिया।
प्रशासन के अनुसार गढ़गून में 10 आवासीय मकान बह गए, जबकि स्पैड़ा में 4 घरों के साथ-साथ पशुशालाएं भी क्षतिग्रस्त हो गईं। पशुशालाओं के अंदर बंधे कई मवेशी मलबे में दब गए। गनीमत रही कि ग्रामीणों ने समय रहते भागकर अपनी जान बचा ली।

स्थानीय लोगों ने बताया कि पहाड़ी पर जोरदार धमाके की आवाज आई और उसके तुरंत बाद पानी और पत्थरों का सैलाब नीचे की तरफ उतर आया। बाढ़ के पानी ने घरों और पशुशालाओं को बहाकर दूर तक पहुंचा दिया। कई जगह मकानों का कोई निशान तक नहीं बचा।
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की टीम मौके के लिए रवाना हो गई। एसडीआरएफ को भी राहत-बचाव कार्य के लिए बुलाया गया है। प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक इस हादसे में किसी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है।
इनके घर हुए क्षतिग्रस्त
गढ़गून गांव में अंग्रेज सिंह, दीनो राम, उत्तम चंद, पुरुषोत्तम चंद्र, पप्पू राम, कीमत राम, हामा चंद, ओंकार सिंह, करतार चंद और ठाणा राम के मकान बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
एसडीएम बोले – पहुंचने में दिक्कत
एसडीएम शाहपुर डॉ. गणेश ठाकुर ने बताया कि वह खुद प्रभावित इलाके के लिए निकल चुके हैं। हालांकि डिब्बा और मलेड नाला क्षेत्र में भारी भूस्खलन होने के कारण रास्ते अवरुद्ध हैं और घटनास्थल तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि नदी-नालों में पानी का बहाव तेज है, इसलिए लोग इनके पास न जाएं। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।

सड़क टूटी, संपर्क प्रभावित
बोह घाटी को जोड़ने वाली मुख्य सड़क मलेड नाला के पास भूस्खलन से बुरी तरह टूट गई है। इसके चलते राहत दल को मौके तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। लोक निर्माण विभाग सड़क को बहाल करने में लगा हुआ है।
जवाली के न्यांगल में भी खतरा
उधर जवाली के न्यांगल गांव में नाले का रुख बदलने से करीब 15 घरों पर खतरा मंडरा रहा है। तेज बहाव से किसानों के खेत भी बर्बाद हो गए हैं। फिलहाल पानी का स्तर कुछ कम हुआ है, लेकिन गांव वाले दहशत में हैं और ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं।