हिमाचल प्रदेश 25 फरवरी 2026 (दैनिक खबरनामा) नई दिल्ली में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन के दौरान हुए विरोध-प्रदर्शन मामले में कार्रवाई करने आई दिल्ली पुलिस की टीम को हिमाचल पुलिस ने हिरासत में ले लिया। मामला उस समय गरमा गया जब जिला शिमला के रोहड़ू क्षेत्र से तीन युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को साथ लेकर जा रही दिल्ली पुलिस की गाड़ियों को शिमला और सोलन में नाकाबंदी कर रोक लिया गया।पुलिस सूत्रों के अनुसार 23 फरवरी को मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के रहने वाले तीन युवक—अरबाज, सौरव और सिद्धार्थ—रोहड़ू के बडियारा स्थित एक निजी होटल में ठहरे थे। बुधवार सुबह करीब 5 बजे दिल्ली पुलिस के तीन वर्दीधारी कर्मचारी होटल पहुंचे और कमरा नंबर 206 से तीनों युवकों को अपने साथ ले गए। आरोप है कि टीम होटल का रजिस्टर और अन्य दस्तावेज भी साथ ले गई।सूचना मिलते ही हिमाचल पुलिस ने नाकाबंदी कर सुबह करीब 10 बजे शोघी बैरियर पर दिल्ली पुलिस की दो गाड़ियां पकड़ लीं, जबकि तीसरी गाड़ी को सोलन जिले के धर्मपुर में रोका गया। बताया जा रहा है कि कार्रवाई में पांच-छह पुलिसकर्मी वर्दी में और अन्य सादे कपड़ों में थे।हिमाचल पुलिस का दावा है कि दूसरे राज्य की पुलिस को गिरफ्तारी से पहले स्थानीय पुलिस को सूचित करना और वैध दस्तावेज दिखाना अनिवार्य होता है। साथ ही स्वतंत्र गवाहों और वीडियोग्राफी के साथ प्रक्रिया पूरी की जाती है। आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने इन प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया।घटनाक्रम के बाद डीजीपी अशोक तिवारी ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। राज्य पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर आगे की कार्रवाई पर चर्चा की गई।
इस घटनाक्रम ने हिमाचल और दिल्ली पुलिस के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।