दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 10 अगस्त 2026. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य और देश की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए पंजाब सरकार तथा भारतीय सेना के बीच सहयोग को और व्यापक बनाने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को चंडीगढ़ में थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ से मुलाकात के दौरान सीमा सुरक्षा, सशस्त्र बलों में पंजाबियों की भर्ती, पूर्व सैनिकों के कल्याण और सीमा पार से होने वाली तस्करी रोकने सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब का इतिहास देश की सीमाओं की रक्षा और राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता को मजबूत करने में गौरवशाली रहा है। राज्य सरकार सशस्त्र बलों में पंजाब के युवाओं की भर्ती बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। माई भागो आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट फॉर गर्ल्स, महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट और सी-पाइट केंद्रों का नेटवर्क इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के साथ पंजाब की 532 किलोमीटर लंबी संवेदनशील सीमा होने के कारण ड्रोन के माध्यम से होने वाली सीमा पार तस्करी को रोकना बड़ी चुनौती है। इसके लिए आधुनिक एंटी-ड्रोन तकनीक और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन की पहचान करने वाली रडार प्रणाली को मजबूत करना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य है जिसने अपनी खुद की एंटी-ड्रोन तकनीक स्थापित की है।
उन्होंने थल सेना प्रमुख से पंजाब पुलिस के प्रयासों को और मजबूत करने में सहयोग का आग्रह करते हुए कहा कि पंजाब पुलिस सुरक्षा की दूसरी पंक्ति के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और राज्य सरकार उसे हरसंभव सहयोग देती रहेगी।
पूर्व सैनिकों के कल्याण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूर्व सैनिकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। पंजाब एक्स-सर्विसमैन कॉरपोरेशन के माध्यम से रोजगार प्राप्त पूर्व सैनिक लोगों को बेहतरीन सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि वाघा, हुसैनीवाला और सादकी सीमा पर आयोजित होने वाले रिट्रीट समारोह देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित करते हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने रूपनगर में अपनी 200 एकड़ जमीन भारतीय सेना को उपलब्ध कराई है, जिसका उपयोग रक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में आई बाढ़ के दौरान पंजाब के लोगों की सहायता के लिए भारतीय सेना के योगदान की सराहना करते हुए धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार देशहित के इस महत्वपूर्ण कार्य में सेना को हरसंभव सहयोग देती रहेगी और देश की एकता एवं अखंडता की रक्षा की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाया जाएगा।
थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने पंजाब सरकार को राष्ट्र निर्माण और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति भारतीय सेना की प्रतिबद्धता का भरोसा दिलाया। उन्होंने पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की भी सराहना की।
बैठक के दौरान आंतरिक सुरक्षा, सीमा पर शांति बनाए रखने, प्राकृतिक आपदाओं से निपटने, बाहरी खतरों और अन्य संकटों का संयुक्त रूप से सामना करने के लिए नागरिक-सेना समन्वय को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
इस अवसर पर मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. रवि भगत, विशेष डी.जी.पी. पी.के. सिन्हा, लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पिंदर सिंह, आर्मी कमांडर वेस्टर्न कमांड, कर्नल जसदीप संधू और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।