दैनिक खबरनामा। घनौर, 24 जून: युवा अकाली दल के अध्यक्ष और घनौर हलका इंचार्ज सरबजीत सिंह झिंझर ने बुधवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने रिश्वतखोरी और दबाव की राजनीति के जरिए श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को खुली चुनौती दी है।
मीडिया को संबोधित करते हुए झिंझर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े विवादित वीडियो की जांच श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा देश की प्रमुख फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं से करवाई गई थी। इन सभी जांचों में यह पुष्टि हुई कि वीडियो पूरी तरह से असली हैं और उनमें दिखाई दे रहा व्यक्ति भगवंत मान ही हैं, जो कथित तौर पर शराब के साथ सिख गुरुओं की तस्वीरों का अपमान करते नजर आ रहे हैं।
झिंझर ने आरोप लगाया कि इस निष्कर्ष के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री मान ने सच्चाई को दबाने के लिए हरसंभव प्रयास किए। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के अधिकारियों के दबाव में गुरुग्राम स्थित एक प्रयोगशाला, जिसने स्वयं स्वीकार किया था कि उसे ऐसे मामलों की जांच का अधिकार नहीं है, से एक कथित झूठी रिपोर्ट जारी करवाई गई। इस रिपोर्ट में दावा किया गया कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति भगवंत मान नहीं है।
युवा अकाली दल अध्यक्ष ने आगे दावा किया कि इस कथित फर्जी क्लीन चिट जारी करने वाले गुरुग्राम लैब के अधिकारियों को हरियाणा सरकार द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के बाद संबंधित अधिकारियों ने स्वीकार किया कि उन्हें मुख्यमंत्री को बचाने के लिए पंजाब सरकार के अधिकारियों की ओर से 10 लाख रुपये दिए गए थे।
झिंझर ने कहा, “यह केवल सच्चाई छिपाने का मामला नहीं है, बल्कि श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को खुली और शर्मनाक चुनौती है।” उन्होंने इस पूरे मामले में पंजाब सरकार के शीर्ष नेतृत्व से जवाबदेही तय करने की मांग की।
उन्होंने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे स्वयं सिख होने के बावजूद मुख्यमंत्री भगवंत मान को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। झिंझर ने कहा, “चीमा ने न केवल अपने धर्म के प्रति जिम्मेदारी निभाने में विफलता दिखाई है, बल्कि उन्होंने अपने राजनीतिक आकाओं को बचाने के लिए अकाल तख्त के खिलाफ खड़े होने का काम किया है।”
इस दौरान झिंझर ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो शिरोमणि अकाली दल मुख्यमंत्री मान, उनके सिख मंत्रियों और सिख पंथ को कमजोर करने का कथित प्रयास कर रहे आम आदमी पार्टी के नेताओं व अधिकारियों के खिलाफ व्यापक और लगातार आंदोलन शुरू करेगा।