दैनिक खबरनामा। नाहन, 19 अगस्त: जिला सिरमौर के शिलाई इलाके में मंगलवार दोपहर बाद हुए भीषण भूस्खलन में दबे एक टिपर चालक का शव मलबे से निकाल लिया गया है। हादसा कफोटा के पास तिलोरधार में चूना पत्थर खदान में हुआ था। मृतक की पहचान बड़वास गांव के रहने वाले अनिल कुमार के रूप में हुई है, जो टिपर चलाते थे।
घटना के समय मलबे में तीन लोग फंसे बताए जा रहे थे। बुधवार को बारिश रुकते ही एनडीआरएफ की टीम ने स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों के साथ मिलकर राहत कार्य तेज किया। टीम ने मलबे में दबे ट्रक और उसके चालक को बाहर निकाला।
मौके पर एसडीएम शिलाई जसपाल और डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा सहित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद हैं। राहत कार्य की निगरानी आपदा प्रबंधन के कर्मचारियों द्वारा की जा रही है।
दो अन्य की तलाश अभी जारी
डीसी प्रियंका वर्मा ने बताया कि अब तक एक शव बरामद हुआ है। मलबे के नीचे नेपाली मूल के दो अन्य लोगों के दबे होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि जब तक दोनों लापता लोगों का पता नहीं चल जाता, रेस्क्यू टीम मौके पर डटी रहेगी।
हादसे में दो वाहन और एक एलएनटी मशीन भी क्षतिग्रस्त हो गई। जानकारी के अनुसार पत्थरों से भरा एक वाहन खदान से बाहर निकल रहा था, तभी ऊपर से बड़ी चट्टानें और मलबा अचानक नीचे आ गिरा और पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया।
बरसात में खनन पर उठे सवाल
जिला खनन अधिकारी सरित चंद ने बताया कि बारिश के मौसम में भी चूना पत्थर खदानों में काम बंद नहीं होता। उन्होंने कहा कि हादसे के कारणों की जांच केंद्रीय एजेंसियां करेंगी।
पूर्व विधायक बलदेव सिंह तोमर ने बरसात के दौरान खनन जारी रखने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अनुमति किसने दी और मजदूरों की सुरक्षा क्यों नहीं सुनिश्चित की गई, इसकी जांच हो। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
समाजसेवी नाथूराम चौहान ने आरोप लगाया कि प्रशासन के आदेश के बावजूद सिरमौर में बारिश के समय अवैध खनन चल रहा है। नाहन में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग नाकाम रहे हैं। चेतावनी दी कि अगर अवैध खनन पर रोक नहीं लगी तो मामला एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट तक ले जाया जाएगा।