दैनिक खबरनामा | लुधियाना, 27 जून 2026. लुधियाना, 27 जून। पंजाब को नशा मुक्त बनाने की दिशा में अपनी मुहिम ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ को नया आयाम देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को ‘सूरमा अभियान’ की शुरुआत की। इस अवसर पर दो वर्ष से अधिक समय से नशामुक्त जीवन जी रहे युवाओं को विशेष ‘सूरमा रिंग’ और ‘सूरमा टी-शर्ट’ पहनाकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ये युवा अब नशा मुक्ति अभियान के ‘आशा के दूत बनकर समाज में अन्य लोगों को नशे से बाहर निकलने के लिए प्रेरित करेंगे तथा राज्य सरकार उन्हें रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नशे की लत कोई अपराध नहीं, बल्कि एक बीमारी है, जिसका इलाज और पुनर्वास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समाज में नशे को लेकर बनी हीन भावना को समाप्त करना समय की आवश्यकता है और सरकार इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य भर में आधुनिक सुविधाओं से लैस नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहां उपचार के साथ-साथ कौशल विकास का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि नशा छोड़ चुके युवा आत्मनिर्भर बन सकें और सम्मानजनक जीवन जी सकें।

मुख्यमंत्री ने खेलों को नशे के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार बताते हुए कहा कि 15 जुलाई तक पंजाब के 3,100 गांवों में खेल मैदान तथा 3,000 जिम शुरू कर दिए जाएंगे। इससे युवाओं की ऊर्जा सकारात्मक गतिविधियों की ओर बढ़ेगी और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की गलत नीतियों और नशे के कारोबार ने पंजाब के युवाओं को बर्बाद किया तथा उन्हें पलायन के लिए मजबूर किया। लेकिन वर्तमान सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और पुनर्वास के क्षेत्र में व्यापक सुधारों के जरिए पंजाब की नई पहचान बना रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराकर पंजाब देश में अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही गरीबी को समाप्त करने का सबसे प्रभावी माध्यम है और आने वाले समय में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी उच्च पदों पर पहुंचकर अपने परिवारों का भविष्य बदलेंगे।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना के तहत लाखों परिवारों को स्वास्थ्य बीमा कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे जरूरतमंद लोगों को मुफ्त एवं कैशलेस उपचार का लाभ मिल रहा है। इसके अलावा नहरों के पानी से सिंचाई, किसानों को दिन के समय बिजली, सड़क सुरक्षा बल (एसएसएफ) की उपलब्धियां तथा मुफ्त बिजली जैसी अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी जनता को मिल रहा है।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘सूरमा’ केवल एक सम्मान नहीं बल्कि साहस, आत्मविश्वास और नई जिंदगी की पहचान है। ये युवा अब गांव-गांव और जिले-जिले जाकर नशे के खिलाफ जनजागरण करेंगे तथा दूसरों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे।
उन्होंने घोषणा की कि जो व्यक्ति नशा मुक्ति उपचार पूरा कर चुके हैं और पिछले दो वर्षों से नशामुक्त जीवन जी रहे हैं, वे 9779142200 पर व्हाट्सएप के माध्यम से “सूरमा” संदेश भेजकर इस कार्यक्रम के लिए अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी, वहीं नशे से बाहर निकलने के इच्छुक प्रत्येक व्यक्ति को उपचार, पुनर्वास, कौशल विकास और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का लक्ष्य केवल नशे को खत्म करना नहीं, बल्कि प्रत्येक प्रभावित परिवार को नई उम्मीद और नई जिंदगी देना है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।