दैनिक खबरनामा 2 अप्रैल 2026 ईरान-इस्राइल के बीच जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का सीधा असर अब हवाई यात्राओं पर दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से विमानन टर्बाइन ईंधन (एटीएफ) महंगा हो गया है, जिससे एयरलाइंस की लागत बढ़ गई है।बढ़ती लागत को देखते हुए विमानन कंपनियों ने 2 अप्रैल से नई बुकिंग पर फ्यूल सरचार्ज लागू कर दिया है। दूरी के आधार पर यह अतिरिक्त शुल्क 275 रुपये से 950 रुपये तक होगा। एयरलाइंस की कुल परिचालन लागत का 35 से 45 प्रतिशत हिस्सा ईंधन पर खर्च होता है, ऐसे में एटीएफ महंगा होने का सीधा असर किराए पर पड़ा है।चंडीगढ़ से दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू, लखनऊ और कोलकाता जैसे प्रमुख रूट्स पर हवाई किराए में 20 से 25 फीसदी तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब सरकार ने घरेलू किराए में अधिकतम 25 फीसदी वृद्धि की सीमा तय कर रखी है।ट्रैवल एजेंट अंकुश चड्ढा के अनुसार, 31 मार्च तक चंडीगढ़ से बंगलूरू का किराया करीब 12 हजार रुपये था, जो अब बढ़कर 16 हजार रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, सॉफ्टवेयर इंजीनियर आकाश का कहना है कि उन्हें 11 अप्रैल को बंगलूरू जाना है, लेकिन अब टिकट के लिए करीब 5 हजार रुपये अधिक खर्च करने पड़ेंगे।लगातार बढ़ते हवाई किरायों से यात्रियों की जेब पर दबाव साफ नजर आने लगा है।
दैनिक खबरनामा 2 अप्रैल 2026 ईरान-इस्राइल के बीच जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का सीधा असर अब हवाई यात्राओं पर दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से विमानन टर्बाइन ईंधन (एटीएफ) महंगा हो गया है, जिससे एयरलाइंस की लागत बढ़ गई है।
बढ़ती लागत को देखते हुए विमानन कंपनियों ने 2 अप्रैल से नई बुकिंग पर फ्यूल सरचार्ज लागू कर दिया है। दूरी के आधार पर यह अतिरिक्त शुल्क 275 रुपये से 950 रुपये तक होगा। एयरलाइंस की कुल परिचालन लागत का 35 से 45 प्रतिशत हिस्सा ईंधन पर खर्च होता है, ऐसे में एटीएफ महंगा होने का सीधा असर किराए पर पड़ा है।चंडीगढ़ से दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू, लखनऊ और कोलकाता जैसे प्रमुख रूट्स पर हवाई किराए में 20 से 25 फीसदी तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब सरकार ने घरेलू किराए में अधिकतम 25 फीसदी वृद्धि की सीमा तय कर रखी है।ट्रैवल एजेंट अंकुश चड्ढा के अनुसार, 31 मार्च तक चंडीगढ़ से बंगलूरू का किराया करीब 12 हजार रुपये था, जो अब बढ़कर 16 हजार रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, सॉफ्टवेयर इंजीनियर आकाश का कहना है कि उन्हें 11 अप्रैल को बंगलूरू जाना है, लेकिन अब टिकट के लिए करीब 5 हजार रुपये अधिक खर्च करने पड़ेंगे।लगातार बढ़ते हवाई किरायों से यात्रियों की जेब पर दबाव साफ नजर आने लगा है।