राजस्थान 25 जनवरी 2026 ( दैनिक खबरनामा ) राजस्थान के नागौर जिले में पुलिस ने रविवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद कर संभावित आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया। खुफिया सूचनाओं के आधार पर नागौर पुलिस की विशेष टीम ने थानवला थाना क्षेत्र में रहने वाले आरोपी सुलेमान खान के घर और खेत पर छापेमारी कर 9,550 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट समेत डेटोनेटर और तारों का जखीरा जब्त किया है। इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।खुफिया इनपुट पर हुई छापेमारी, घर और खेत से मिला विस्फोटकों का जखीरा नागौर के पुलिस अधीक्षक मृदुल कछवा ने बताया कि आंतरिक खुफिया सूचनाओं के आधार पर पुलिस की विशेष टीम ने रविवार सुबह थानवला क्षेत्र में सुलेमान खान के आवास और उसके खेत पर एक साथ छापेमारी की। तलाशी के दौरान पुलिस को 187 कार्टन में 9,550 किलो अमोनियम नाइट्रेट, 9 कार्टन डेटोनेटर, नीले रंग के तार के 15 बंडल, लाल रंग के तार के 9 बंडल और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद हुई।एसपी कछवा ने बताया कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक मिलना बेहद गंभीर मामला है और इससे किसी बड़े षड्यंत्र की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।पहले से दर्ज हैं तीन मामले, विस्फोटक अधिनियम के तहत केस दर् पुलिस के अनुसार, आरोपी सुलेमान खान के खिलाफ पहले से ही नागौर के थानवला, पादुक्कल्लन और अलवर जिले के चौपसनी थाना क्षेत्र में तीन मामले दर्ज हैं। ये सभी मामले विस्फोटक अधिनियम के तहत दर्ज किए गए थे।ताजा कार्रवाई में पुलिस ने सुलेमान को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और विस्फोटक अधिनियम, 1884 की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है।खदान मालिकों को करता था सप्लाई, लेकिन बड़ी साजिश की आशंका एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सुलेमान खान खनन कार्य से जुड़े लोगों और खदान मालिकों को विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति करता था। हालांकि, जब्त की गई विस्फोटक सामग्री की मात्रा बेहद ज्यादा है, जिससे किसी बड़ी आपराधिक या आतंकी साजिश में उसकी संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है।पुलिस ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसियां भी आरोपी से पूछताछ कर सकती हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह विस्फोटक सामग्री कहां और किस उद्देश्य से इस्तेमाल की जानी थी।
दिल्ली धमाके और नाथद्वारा मामले से भी जुड़ रहा तार पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल पहले भी कई बड़े धमाकों में हो चुका है। नवंबर 2025 में दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट में भी इसी रसायन का इस्तेमाल किया गया था।इसके अलावा 2 दिसंबर को राजस्थान के नाथद्वारा में श्रीनाथजी मंदिर के पास एक पिकअप वाहन से अवैध विस्फोटकों का जखीरा पकड़ा गया था, जिससे लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में भारी तबाही मचाई जा सकती थी। उस दौरान पुलिस ने 109 कार्टन विस्फोटक सामग्री, 981 कारतूस, 100 टीएलएचडी ट्रक लाइन डेटोनेटर और 93 अन्य डेटोनेटर जब्त किए थे।इन मामलों को देखते हुए नागौर में पकड़ी गई इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर माना जा रहा है।राज्य और केंद्रीय एजेंसियां अलर्ट, जांच तेज नागौर कांड के बाद राजस्थान पुलिस, खुफिया एजेंसियां और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोटक सामग्री की सप्लाई चेन क्या थी, इसमें और कौन-कौन शामिल है और इसका अंतिम उद्देश्य क्या था।फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

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