चंडीगढ़ 13 जनवरी ( दैनिक खबरनामा ) चंडीगढ़ सेकंड इनिंग्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आर.के. गर्ग ने सोमवार को चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा बिल्डिंग के दुरुपयोग (मिसयूज़) और जुर्माने को लेकर जारी किए गए हजारों नोटिसों की वैधता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने यह भी घोषणा की कि एसोसिएशन इन नोटिसों की कानूनी जांच (फैक्ट चेक) करेगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ये नोटिस वैधानिक अधिकारों के तहत जारी किए गए हैं या नहीं।आर.के. गर्ग ने बताया कि यूटी प्रशासन ने कथित तौर पर लगभग 5,000 नोटिसों के माध्यम से लगाए गए बिल्डिंग मिसयूज़ शुल्क को तर्कसंगत बनाने के लिए गृह मंत्रालय (एमएचए) को एक प्रस्ताव भेजा है। मौजूदा व्यवस्था के तहत नोटिस जारी होने की तारीख से प्रतिदिन जुर्माना जुड़ता रहता है, जिससे संपत्ति मालिकों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि फिलहाल कार्रवाई, वसूली और पुनः कब्जा (रिजम्पशन) की प्रक्रिया स्थगित होने के बावजूद जुर्माना लगातार बढ़ता जा रहा है। गर्ग ने सवाल उठाया कि क्या ये नोटिस किसी वैध कानूनी प्रावधान के तहत जारी किए गए हैं या केवल सार्वजनिक सूचनाओं के आधार पर, बिना ठोस कानूनी आधार के।सेकंड इनिंग्स एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि वह चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा जारी किए गए इन नोटिसों की वैधानिकता की विस्तृत जांच करेगी।
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