अमेरिका ने इमिग्रेशन प्रक्रिया को बनाया और कड़ा, अधूरे आवेदन अब बिना अतिरिक्त मौका दिए हो सकेंगे निरस्त

दैनिक खबरनामा | 6 अगस्त, वॉशिंगटन: अमेरिका ने वीजा और अन्य इमिग्रेशन लाभों से संबंधित आवेदन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत यदि कोई आवेदन आवश्यक दस्तावेजों या पर्याप्त पात्रता प्रमाणों के बिना जमा किया जाता है, तो अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारी उसे अतिरिक्त दस्तावेज मांगने या पूर्व सूचना दिए बिना ही खारिज कर सकेंगे।

यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने यह नई नीति तत्काल प्रभाव से लागू कर दी है। इसका असर अमेरिका में पढ़ाई, रोजगार, ग्रीन कार्ड या स्थायी निवास की योजना बना रहे भारतीयों समेत दुनिया भर के आवेदकों पर पड़ सकता है।

USCIS के मुताबिक अब प्रत्येक आवेदक को आवेदन दाखिल करते समय ही यह सुनिश्चित करना होगा कि उसने अपनी पात्रता से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज और साक्ष्य संलग्न किए हैं। यदि प्रारंभिक आवेदन में आवश्यक प्रमाण उपलब्ध नहीं होंगे, तो अधिकारी रिक्वेस्ट फॉर एविडेंस (RFE) या नोटिस ऑफ इंटेंट टू डिनाई (NOID) जारी किए बिना भी आवेदन अस्वीकार कर सकते हैं।

एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी इमिग्रेशन लाभ के लिए अपनी पात्रता सिद्ध करने की पूरी जिम्मेदारी आवेदक की होगी। साथ ही आवेदन जमा करने से लेकर अंतिम निर्णय आने तक पात्रता बनाए रखना भी आवश्यक होगा।

USCIS ने यह भी कहा कि सभी आवेदन फॉर्म और उनके आधिकारिक निर्देशों में पहले से ही आवश्यक दस्तावेजों और साक्ष्यों का पूरा विवरण उपलब्ध है, ताकि आवेदक पहली बार में ही पूर्ण और सही आवेदन प्रस्तुत कर सकें।

एजेंसी के अनुसार यह बदलाव डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) के मौजूदा नियमों के अनुरूप है। नई व्यवस्था का उद्देश्य इमिग्रेशन प्रणाली को अधिक प्रभावी और विश्वसनीय बनाना तथा बिना पर्याप्त आधार के दाखिल किए जाने वाले या केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए जमा किए गए आवेदनों पर रोक लगाना है।

यह नीति बाइडेन प्रशासन के दौरान अपनाई गई व्यवस्था से अलग है। उस समय अधिकारियों को सामान्यतः यह सलाह दी जाती थी कि आवेदन में कमी मिलने पर उसे तुरंत खारिज करने के बजाय आवेदक को RFE या NOID भेजकर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का अवसर दिया जाए।

USCIS का कहना है कि अधूरे आवेदनों के कारण लंबित मामलों की प्रक्रिया प्रभावित होती थी और कई मामलों में आवेदक मुख्य आवेदन लंबित रहने के दौरान रोजगार अनुमति जैसे अन्य इमिग्रेशन लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से प्लेसहोल्डर आवेदन भी दाखिल कर देते थे।

नई नीति के तहत अधिकारियों को ये अधिकार मिलेंगे

  • आवेदन के समय पात्रता साबित नहीं होने पर आवेदन सीधे निरस्त किया जा सकेगा।
  • आवश्यक प्रारंभिक दस्तावेजों के बिना जमा किए गए आवेदन अस्वीकार किए जा सकेंगे।
  • अतिरिक्त दस्तावेज मांगने के लिए RFE केवल आवश्यकता पड़ने पर ही जारी किया जाएगा।

USCIS का मानना है कि इस नई व्यवस्था से संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग होगा, मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी और लंबित आवेदनों का बोझ कम करने में सहायता मिलेगी।

नई नीति तत्काल प्रभाव से लागू हो चुकी है। यह 5 अगस्त 2026 या उसके बाद दाखिल किए गए तथा उस समय तक लंबित सभी इमिग्रेशन लाभ संबंधी आवेदनों पर लागू होगी, जब तक किसी विशेष नियम या USCIS की अलग नीति में अन्य प्रावधान न किया गया हो।

इस बदलाव के बाद रोजगार आधारित वीजा, परिवार प्रायोजित ग्रीन कार्ड, स्टेटस परिवर्तन या विस्तार, नागरिकता (नेचुरलाइजेशन) सहित अन्य इमिग्रेशन लाभों के लिए आवेदन करने वाले लोगों को पहले से अधिक सावधानी बरतनी होगी। अब आवेदन जमा करते समय सभी जरूरी दस्तावेज और पात्रता संबंधी प्रमाण संलग्न करना बेहद महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि अधूरे आवेदन बिना सुधार का अवसर दिए सीधे खारिज किए जा सकते हैं।

Share to :
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

धरती पर बढ़ सकता है गर्मी का कहर

दैनिक खबरनामा ब्यूरो| जिनेवा, 2 जून: वैश्विक मौसम प्रणाली में बड़े बदलाव…
Share to :

ईरानी एलपीजी नेटवर्क पर अमेरिका का बड़ा एक्शन, बांग्लादेश को आपूर्ति के आरोप में लगाए व्यापक प्रतिबंध

दैनिक खबरनामा। वाशिंगटन, 6 जून 2026: अमेरिका ने ईरान के एक कथित…
Share to :

भारत-ओमान आर्थिक साझेदारी का नया अध्याय शुरू, सीईपीए लागू होते ही निर्यातकों के लिए खुले बड़े अवसर

दैनिक खबरनामा | नई दिल्ली, 1 जून : भारत और ओमान के बीच…
Share to :

अमेरिका बना दुनिया का सबसे बड़ा तेल निर्यातक, सऊदी अरब और रूस को पीछे छोड़ा

दैनिक खबरनामा ब्यूरो। ह्यूस्टन, 11 जून : कभी अरब देशों के तेल प्रतिबंध…
Share to :