दैनिक खबरनामा 23 अप्रैल 2026 हरियाणा सरकार ने 27 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। यह पिछले छह वर्षों में चौथा विशेष सत्र होगा। इससे पहले तीन विशेष सत्र आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें महत्वपूर्ण फैसले लिए गए थे।20 जनवरी 2020 को आयोजित विशेष सत्र में संविधान संशोधन (126वां) बिल पास किया गया था, जिसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण को 25 जनवरी 2030 तक बढ़ाया गया।इसके बाद 5 अप्रैल 2022 को चंडीगढ़ पर हरियाणा के अधिकार को लेकर संकल्प प्रस्ताव पारित किया गया। इस दौरान विधानसभा ने पंजाब के उस प्रस्ताव की निंदा की थी, जिसमें चंडीगढ़ को पंजाब को सौंपने की मांग की गई थी।13 मार्च 2024 को हुए विशेष सत्र में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पद छोड़ने के बाद नए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विश्वास मत हासिल किया था। इस दौरान जजपा के विधायक सदन से बाहर चले गए थे।अब 27 अप्रैल को होने वाले सत्र को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा सत्र में सरकार को बेनकाब किया जाएगा और हर मुद्दे पर कड़ा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा निंदा प्रस्ताव लाएगी तो कांग्रेस भी उसका जवाब देगी। साथ ही महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार की नीयत पर भी सवाल उठाए।