दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 05 जून : राज्य स्तरीय समन्वयक ने सभी एलपीजी उपभोक्ताओं से अपील की है कि जिन्होंने अभी तक अपना बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण (बीएए) नहीं कराया है, वे 30 जून 2026 तक यह प्रक्रिया अनिवार्य रूप से पूरी कर लें। यह अभियान पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशों के तहत चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य एलपीजी सब्सिडी का लाभ केवल पात्र और वास्तविक उपभोक्ताओं तक पहुंचाना है।
पंजाब में तेल उद्योग के राज्य स्तरीय समन्वयक तथा आईओसीएल के कार्यकारी निदेशक एवं राज्य प्रमुख अशुतोष गुप्ता ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं ने गैस कनेक्शन लेने के बाद कभी बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं कराया है, उन्हें अपना ई-केवाईसी पूरा करना आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि 30 जून तक सत्यापन नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं की एलपीजी सब्सिडी रोकी जा सकती है।
उपभोक्ता अपने संबंधित तेल विपणन कंपनी के मोबाइल ऐप के माध्यम से भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इंडियन ऑयल के ग्राहक IndianOil One, एचपी गैस के ग्राहक HP PAY और भारत गैस के ग्राहक Hello BPCL ऐप का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा गैस डिलीवरी कर्मी या स्थानीय गैस एजेंसी के माध्यम से भी बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जा सकता है।
अशुतोष गुप्ता ने स्पष्ट किया कि यदि उपभोक्ता निर्धारित समय सीमा के भीतर सत्यापन करा लेते हैं तो रोकी गई सब्सिडी उन्हें वापस मिल जाएगी। हालांकि अंतिम तिथि के बाद सत्यापन कराने की स्थिति में पहले से रोकी गई सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। सत्यापन पूरा होने के बाद ही भविष्य में गैस रिफिल पर सब्सिडी दोबारा शुरू होगी।
तेल विपणन कंपनियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि बायोमेट्रिक सत्यापन न होने की स्थिति में भी एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति जारी रहेगी और उपभोक्ताओं को गैस मिलने में कोई बाधा नहीं आएगी। इसका प्रभाव केवल सब्सिडी के भुगतान पर पड़ेगा।
अधिकारियों ने सभी एलपीजी उपभोक्ताओं से समय रहते बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा कराने की अपील की है, ताकि उन्हें सब्सिडी संबंधी किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।