दैनिक खबरनामा 8 मई 2026 Central Bureau of Investigation को चंडीगढ़ नगर निगम के 116.84 करोड़ रुपए के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले की जांच सौंपे जाने के बाद मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। घोटाले के आरोपी पूर्व अकाउंटेंट Anubhav Mishra ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट से वापस ले ली है। बताया जा रहा है कि यह याचिका उन्होंने केस सीबीआई को ट्रांसफर होने से पहले दाखिल की थी।घोटाला सामने आने के बाद से अनुभव मिश्रा फरार हैं। वहीं चंडीगढ़ नगर निगम ने उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। पुलिस जांच के अनुसार उन्होंने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर 11 फर्जी एफडीआर तैयार किए, जिनकी कुल कीमत 116.84 करोड़ रुपए से अधिक बताई गई है। आरोप है कि सरकारी धन को फर्जी कंपनियों में ट्रांसफर किया गया और नकली एफडी के बदले करोड़ों रुपए का लेनदेन हुआ।जांच एजेंसियों के मुताबिक अनुभव मिश्रा के पास बैंक से जुड़े मोबाइल नंबरों की पहुंच थी और संदिग्ध ट्रांजैक्शन करवाने में उनकी अहम भूमिका रही। मामले में अब सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है।चंडीगढ़ प्रशासन ने स्मार्ट सिटी लिमिटेड और क्रेस्ट में फंड गड़बड़ी से जुड़े मामलों को भी सीबीआई को सौंप दिया है। प्रशासन का मानना है कि इससे भ्रष्टाचार के मामलों में जांच तेज होगी और आरोपी अधिकारियों पर कार्रवाई आसान होगी।
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