दैनिक खबरनामा 9 मई 2026 अमृतसर जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट 2026 को लेकर पंजाब सरकार और सिख धार्मिक नेतृत्व के बीच विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। शुक्रवार को पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे, जहां उन्होंने सरकार का पक्ष रखते हुए कानून को संगत की भावनाओं और मर्यादा की रक्षा के लिए जरूरी बताया।करीब एक घंटे तक चली बैठक में कानून की विभिन्न धाराओं और धार्मिक आपत्तियों पर चर्चा हुई। संधवां ने कहा कि सरकार ने कानून बनाने से पहले अखबारों में विज्ञापन जारी कर लोगों से सुझाव मांगे थे। उनका दावा है कि नए कानून से बेअदबी की घटनाओं पर सख्त रोक लगेगी और दोषियों को आसानी से जमानत नहीं मिल सकेगी।हालांकि, जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गडगज्ज ने सरकार के तर्कों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पंथ की सहमति के बिना बनाया गया यह कानून सिख कौम को मंजूर नहीं होगा। जत्थेदार ने आरोप लगाया कि 11 अप्रैल की रात मसौदा तैयार किया गया और मात्र दो दिन में 13 अप्रैल को विधानसभा से इसे पारित करवा दिया गया।अकाल तख्त ने सरकार को 15 दिन के भीतर विवादित प्रावधान हटाने का अल्टीमेटम दिया है। जत्थेदार ने चेतावनी दी कि यदि तय समय में बदलाव नहीं किए गए तो अकाल तख्त साहिब पर पांच सिंह साहिबानों की बैठक बुलाकर सख्त फैसला लिया