दैनिक ख़बरनामा कोलकाता। 27 मई : पश्चिम बंगाल की सियासत में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। बारासात से सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने तृणमूल कांग्रेस में अपने सभी संगठनात्मक दायित्वों से अलग होने की घोषणा कर दी। उनके इस फैसले को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सत्तारूढ़ दल के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।
काकोली घोष ने महिला इकाई की अध्यक्ष सहित पार्टी में निभाई जा रही विभिन्न जिम्मेदारियों से इस्तीफा दिया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वह बारासात क्षेत्र की सांसद के रूप में जनता के बीच अपना कार्य जारी रखेंगी। हाल के दिनों में उन्होंने पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली को लेकर सार्वजनिक तौर पर नाराजगी भी जताई थी।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पार्टी के संसदीय दल में हुए हालिया बदलाव के बाद उनका असंतोष बढ़ा। दरअसल, उन्हें मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी से हटाकर वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी को यह दायित्व सौंपा गया था।
इस बीच एक अन्य घटनाक्रम ने भी राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया। काकोली घोष ने मंगलवार को कुछ विधायकों के साथ विपक्ष के नेता शुवेंदु अधिकारी की प्रशासनिक समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया था। इस बैठक में तृणमूल के कई विधायक भी मौजूद रहे, जिसके बाद पार्टी के भीतर हलचल बढ़ गई।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकता है।