दैनिक ख़बरनामा चंडीगढ़। 28 मई : हरियाणा में प्रशासनिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी लगातार मजबूत होती जा रही है। प्रदेश के 23 जिलों में से सात जिलों की कमान इस समय महिला उपायुक्त संभाल रही हैं। हाल ही में हुए प्रशासनिक फेरबदल के बाद कई महिला अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
सरकार की ओर से किए गए तबादलों में वर्ष 2013 बैच की अधिकारी मंदीप कौर को चरखी दादरी का उपायुक्त नियुक्त किया गया है, जबकि वर्ष 2017 बैच की डॉ. वैशाली शर्मा को जींद जिले की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले झज्जर जिले में वर्ष 2018 बैच की अधिकारी वर्षा खंगवाल को उपायुक्त बनाया गया था।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी महिला अधिकारी अहम प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभा रही हैं। यमुनानगर में प्रीति, सोनीपत में नेहा सिंह, कैथल में अपराजिता तथा महेंद्रगढ़ में अनुपमा अंजलि उपायुक्त के रूप में कार्य कर रही हैं। इन अधिकारियों की नियुक्ति को प्रशासन में महिलाओं की बढ़ती भूमिका के रूप में देखा जा रहा है।
इन महिला अधिकारियों में मंदीप कौर और वर्षा खंगवाल पहले हरियाणा सिविल सेवा में कार्यरत थीं और बाद में पदोन्नति के जरिए भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल हुईं। वहीं अन्य अधिकारी सीधे प्रशासनिक सेवा में चयनित होकर विभिन्न जिलों का नेतृत्व कर रही हैं।
प्रशासनिक मामलों के जानकारों का मानना है कि किसी भी प्रशासनिक अधिकारी के लिए जिले का उपायुक्त बनना बड़ी जिम्मेदारी और सम्मान माना जाता है। वर्तमान में प्रदेश के अधिकांश जिलों में सीधे चयनित प्रशासनिक अधिकारी उपायुक्त के रूप में तैनात हैं।
इसके अलावा हिसार, पंचकूला और झज्जर जैसे जिलों में भी पदोन्नति प्राप्त प्रशासनिक अधिकारियों को उपायुक्त की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं फतेहाबाद, पानीपत और पलवल में ऐसे अधिकारी कार्यरत हैं, जिन्हें विशेष श्रेणी के अंतर्गत प्रशासनिक सेवा में स्थान मिला था।
प्रदेश सरकार के इन फैसलों को प्रशासन में अनुभव और दक्षता के संतुलन के रूप में देखा जा रहा है। महिला अधिकारियों की बढ़ती संख्या से शासन व्यवस्था में संवेदनशीलता और बेहतर समन्वय की उम्मीद भी जताई जा रही है।