दैनिक खबरनामा। पुणे, 5 जून 2026: पुणे के हिंजेवाड़ी स्थित विप्रो कार्यालय में कथित धर्मांतरण और धार्मिक उत्पीड़न के आरोपों ने आईटी सेक्टर में हलचल मचा दी है। मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने कंपनी को कानूनी नोटिस जारी किया है। अब जांच को और प्रभावी बनाने के लिए नासिक के चर्चित टीसीएस प्रकरण की जांच कर चुकी विशेष जांच टीम (SIT) के अनुभव का सहारा लेने की संभावना जताई जा रही है।
क्या हैं आरोप?
विप्रो की एक पूर्व महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि नौकरी के दौरान उस पर धार्मिक आधार पर उत्पीड़न किया गया, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया और कार्यस्थल पर उसके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया गया। महिला का दावा है कि लगातार प्रताड़ना के कारण उसे अंततः नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।
शिकायत के आधार पर हिंजेवाड़ी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
नासिक टीसीएस मामले से जोड़ा जा रहा संदर्भ
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान नासिक के टीसीएस बीपीओ यूनिट से जुड़े मामले का अध्ययन किया जा सकता है। उस मामले में धार्मिक दबाव, यौन उत्पीड़न और कथित धर्मांतरण के आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया था।
नासिक प्रकरण में अब तक नौ एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, कई आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और SIT अदालत में दो आरोपपत्र भी दाखिल कर चुकी है। जांच के दौरान पुलिस ने गुप्त अभियान चलाकर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए थे।
हर पहलू की होगी जांच
पुणे पुलिस शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों, ई-मेल संवाद, आंतरिक शिकायतों और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की विस्तार से जांच करेगी। साथ ही, नासिक SIT द्वारा अपनाई गई जांच पद्धतियों का अध्ययन कर उनसे तकनीकी और प्रक्रियागत सहायता लेने पर भी विचार किया जा रहा है।
विप्रो की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल विप्रो की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच जारी है तथा जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की सत्यता के संबंध में स्पष्ट निष्कर्ष सामने आ सकेंगे।
गौरतलब है कि अभी आरोपों की जांच जारी है और किसी भी पक्ष के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।