दैनिक खबरनामा। यरुशलम, 8 जून 2026: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संयम बरतने की अपील के बावजूद इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करते हुए उसके कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इजरायली वायुसेना द्वारा किए गए हमलों के बाद क्षेत्र में व्यापक संघर्ष की आशंकाएं तेज हो गई हैं।
इजरायली सेना ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में बताया कि उसने ईरान के मध्य और पश्चिमी क्षेत्रों में स्थित सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले किए हैं। वहीं, ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार राजधानी तेहरान समेत इस्फहान और तबरीज में कई जोरदार विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ईरान ने तेहरान स्थित इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास का हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हमले से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। बताया गया कि ट्रंप ने नेतन्याहू से किसी भी प्रकार की जवाबी सैन्य कार्रवाई से बचने और कूटनीतिक प्रयासों को मौका देने की अपील की थी। हालांकि, इजरायल ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए सैन्य कार्रवाई का रास्ता चुना।
अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि ईरान के साथ किसी संभावित समझौते और तनाव कम करने के लिए अभी भी कूटनीतिक प्रयास जारी रखे जा सकते हैं। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, वाशिंगटन क्षेत्रीय हालात को और अधिक बिगड़ने से रोकने के पक्ष में है।
हालिया घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब क्षेत्र में संघर्षविराम और स्थायी शांति को लेकर चल रही कोशिशें पहले से ही दबाव में हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच जवाबी हमलों का सिलसिला जारी रहा तो यह व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है।
फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें इजरायल, ईरान और अमेरिका के अगले कदमों पर टिकी हुई हैं। कूटनीतिक प्रयासों और सैन्य गतिविधियों के बीच संतुलन बनाए रखना क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है।