दैनिक खबरनामा। नई दिल्ली/मस्कट, 10 जून : ओमान के तट के निकट एक तेल टैंकर पर हुए अमेरिकी हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने पुष्टि की है कि उसने ओमान की खाड़ी में एक टैंकर को निशाना बनाया, क्योंकि वह कथित तौर पर ईरान के बंदरगाहों पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था।
अमेरिकी सेना ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर जारी एक बयान में कहा कि संबंधित जहाज ईरान से तेल ले जाने का प्रयास कर रहा था। बयान के अनुसार, अमेरिकी बलों द्वारा बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद जहाज के चालक दल ने उनका पालन नहीं किया, जिसके बाद एक अमेरिकी विमान ने जहाज के इंजन कक्ष को सटीक हथियारों से निशाना बनाया।
हमले का शिकार बना जहाज “सेट्टेबेलो” (Settebello) नामक एक रासायनिक एवं तेल उत्पाद टैंकर था, जो पलाऊ के झंडे के तहत संचालित हो रहा था।
तीन भारतीय नाविक लापता
इस हमले के बाद जहाज पर सवार 21 भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन तीन भारतीय नाविक अब भी लापता बताए जा रहे हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने लापता नागरिकों की स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है और उनकी तलाश के लिए प्रयास तेज करने की मांग की है।
भारत ने अमेरिका के समक्ष दर्ज कराया विरोध
घटना के बाद भारत ने नई दिल्ली में अमेरिका के वरिष्ठ राजनयिक को तलब कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, भारत सरकार ने अमेरिका के उप मिशन प्रमुख जेसन मीक्स के समक्ष इस मामले पर “कड़ा विरोध” जताया है।
सूत्रों के अनुसार, भारत ने हमले में भारतीय नागरिकों के प्रभावित होने पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी मांगी है। साथ ही लापता भारतीय नाविकों की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
क्षेत्र में बढ़ा तनाव
यह घटना ऐसे समय हुई है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर है। ओमान की खाड़ी और आसपास के समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सैन्य कार्रवाई से क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और ओमान सहित संबंधित देशों के अधिकारियों के संपर्क में है। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और लापता नाविकों की खोज को लेकर कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।