दैनिक खबरनामा। शिमला, 10 जून: हिमाचल प्रदेश सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित श्रम एवं रोजगार विभाग की समीक्षा बैठक में युवाओं और व्यापार जगत के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और प्रदेश में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देना है। इसी दिशा में राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना-2023 के तहत युवाओं को ई-टैक्सी और ई-रिक्शा खरीदने पर 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
500 युवाओं को मिलेगी ई-टैक्सी खरीदने पर सहायता
वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 500 युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इस योजना के लिए राज्य सरकार ने बजट में 50 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है।
ई-रिक्शा खरीदने पर भी मिलेगा 50 प्रतिशत अनुदान
सरकार ने इसी वित्तीय वर्ष में 500 युवाओं को ई-रिक्शा खरीदने के लिए भी 50 प्रतिशत पूंजीगत अनुदान देने का फैसला किया है। अनुदान राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाएगी। इससे युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और हरित परिवहन को भी बढ़ावा मिलेगा।
सभी सरकारी प्रक्रियाएं होंगी ऑनलाइन
मुख्यमंत्री सुक्खू ने विभागीय अधिकारियों को प्रमाण-पत्र, लाइसेंस और अन्य सेवाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं को पूरी तरह ऑनलाइन और डिजिटल बनाने के निर्देश दिए हैं। इससे युवाओं और कारोबारियों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे तथा सेवाएं अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध होंगी।
अब 24 घंटे खुल सकेंगी दुकानें
व्यापारियों और उद्यमियों को राहत देते हुए राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम, 1969 में संशोधन किया है। नए प्रावधानों के तहत प्रदेश में दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 24 घंटे संचालित करने की अनुमति दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और उपभोक्ताओं को भी सुविधाजनक समय पर सेवाएं मिल सकेंगी।
बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान सहित श्रम एवं रोजगार विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और युवाओं एवं श्रमिकों के कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।