दैनिक खबरनामा । चंडीगढ़, 16 जून : हरियाणा सरकार ने कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे को राज्य के आर्थिक और औद्योगिक विकास की नई धुरी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार की योजना के तहत केएमपी एक्सप्रेसवे के दोनों ओर पांच नए आधुनिक शहर और तीन औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) विकसित किए जाएंगे, जिससे न केवल हरियाणा बल्कि पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की तस्वीर बदलने की उम्मीद है।
प्रदेश के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि लगभग 135 किलोमीटर लंबा केएमपी एक्सप्रेसवे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आने वाले वर्षों में यह कॉरिडोर एनसीआर की नई पहचान के रूप में उभरेगा और औद्योगिक निवेश, रोजगार तथा शहरी विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2041 की संभावित जनसंख्या और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे के दोनों ओर पांच नए आधुनिक शहर बसाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए पंचग्राम विकास प्राधिकरण के गठन की भी तैयारी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पहले ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड की बैठक में इस परियोजना को प्रमुखता से उठा चुके हैं।
राव नरबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2030 तक प्रदेश में 10 नई औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) विकसित करने की घोषणा की गई थी। इनमें से पांच आईएमटी को मंजूरी मिल चुकी है और उनके विकास की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। प्रस्तावित 10 आईएमटी में से तीन को केएमपी एक्सप्रेसवे के साथ विकसित किया जाएगा, जिससे यह क्षेत्र औद्योगिक निवेश और विनिर्माण गतिविधियों का बड़ा केंद्र बन सकेगा।
उन्होंने कहा कि केएमपी के दोनों ओर विकसित होने वाले नए शहर न केवल ‘विकसित भारत’ के आकर्षण का केंद्र बनेंगे, बल्कि दिल्ली और एनसीआर पर बढ़ रहे जनसंख्या और यातायात के दबाव को कम करने में भी अहम भूमिका निभाएंगे। इससे संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को रोजगार, आवास तथा आधुनिक सुविधाएं अपने नजदीक उपलब्ध हो सकेंगी।
उद्योग मंत्री ने कहा कि हरित क्रांति में अग्रणी भूमिका निभाने वाला हरियाणा अब औद्योगिक और तकनीकी विकास के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छू रहा है। गुरुग्राम पहले ही आईटी और कॉर्पोरेट सेक्टर में वैश्विक पहचान बना चुका है। आने वाले वर्षों में जब प्रदेश में 10 नई आईएमटी विकसित होंगी, तब हरियाणा देश की औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।