दैनिक खबरनामा|टांडा (होशियारपुर), 17 जून 2026. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि बरगाड़ी, बहिबल कलां और कोटकपूरा जैसी घटनाओं ने पंजाब की आत्मा को गहरा आघात पहुंचाया है और इन मामलों के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अतीत में हुई बेअदबी की घटनाओं की व्यापक जांच कर जिम्मेदार लोगों को कानून के कठघरे में लाया जाएगा।
होशियारपुर जिले के टांडा विधानसभा क्षेत्र के गांव भट्ठलां में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने विभाजन, 1984 की त्रासदी और वर्षों तक चली राजनीतिक लूट-खसोट का दर्द झेला है, लेकिन अब राज्य विकास और समृद्धि के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों, उपजाऊ जमीन और मेहनती लोगों के बावजूद पंजाब को लंबे समय तक ऐसा नेतृत्व नहीं मिला, जिसने राज्यहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने तथा ऐसा ‘रंगला पंजाब’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां किसी भी युवा को बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश जाने के लिए मजबूर न होना पड़े। उन्होंने कहा कि पूरा पंजाब उनका परिवार है और हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और रोजगार उपलब्ध कराना उनकी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ के माध्यम से बेअदबी के मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी घटना को अंजाम देने का साहस न कर सके।
अकाली नेतृत्व पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों ने गुरु साहिब की पवित्रता की रक्षा करने में विफलता दिखाई और पंजाब के लोग उस दौर को कभी नहीं भूल सकते। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश की प्रगति को किसी भी कीमत पर रुकने नहीं दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने महिला कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत का ऐलान करते हुए कहा कि ग्रुप-सी और ग्रुप-डी की महिला कर्मचारियों को उनके घरों से 40 किलोमीटर के दायरे में तैनाती देने की योजना लागू की जाएगी, जिससे हजारों महिला कर्मियों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि राज्य के 90 प्रतिशत से अधिक परिवारों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि किसानों को दिन के समय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा 14 हजार किलोमीटर से अधिक नहरों और पाइपलाइनों के माध्यम से सिंचाई व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘मावां-धियां सम्मान योजना’ के तहत महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता दी जाएगी, जबकि ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के जरिए प्रत्येक परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है, जहां इस स्तर की व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना लागू की गई है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह, विधायक जसबीर सिंह राजा गिल, करमबीर सिंह घुम्मण सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।