महिलाओं के लिए सम्मान योजना, बेअदबी पर सख्त कानून और शिक्षा में पंजाब नंबर-1 बनने का किया दावा

दैनिक खबरनामा|बठिंडा, 23 जून 2026. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि श्री अकाल तख्त साहिब हर पंजाबी और सिख के लिए सर्वोच्च धार्मिक संस्था है, लेकिन कुछ लोग अपने निजी और राजनीतिक हितों के लिए इसकी पवित्रता का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के चुनाव तत्काल करवाने की मांग करते हुए कहा कि धार्मिक संस्थाओं को किसी परिवार या समूह के निजी हितों का माध्यम नहीं बनने दिया जा सकता।

मंगलवार को मौड़ विधानसभा क्षेत्र के ऐतिहासिक गांव मंडी कलां में आयोजित विशाल ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने बेअदबी की घटनाओं पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम-2026’ लागू किया है। इस कानून के तहत बेअदबी के दोषियों को 10 वर्ष से लेकर उम्रकैद तक की सजा और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष मत्था टेका क्योंकि यह हर सिख और पंजाबी के लिए सर्वोच्च स्थान है, लेकिन कुछ तत्व इस पवित्र संस्था का अपने स्वार्थ के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी के चुनाव हुए 14 वर्ष बीत चुके हैं और अब इस संस्था में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बहाल करने की जरूरत है।

अकाली दल और बादल परिवार पर निशाना साधते हुए भगवंत मान ने आरोप लगाया कि पूर्व सरकारों ने राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का इस्तेमाल किया और रेत, ट्रांसपोर्ट, नशे तथा अन्य माफियाओं को संरक्षण देकर पंजाब को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा कि जनता इन गलतियों को कभी नहीं भूलेगी।

मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए शुरू की जा रही ‘मांवां-धीयां सम्मान योजना’ का जिक्र करते हुए कहा कि 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये दिए जाएंगे, जबकि अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ एक जुलाई से शुरू होगा।

उन्होंने कहा कि पंजाब में शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार किए गए हैं और नीति आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल शिक्षा में पंजाब ने केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है। पिछले चार वर्षों में स्मार्ट कक्षाओं, आधुनिक शिक्षण प्रणाली और शिक्षकों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने निजी स्कूलों की फीस में मनमानी बढ़ोतरी पर रोक लगाने के लिए अध्यादेश को मंजूरी दी है। इसके तहत कोई भी निजी स्कूल पांच प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक परिवारों को मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है, जबकि किसानों को पहली बार दिन के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई जा रही है। सिंचाई के लिए नहरी पानी के उपयोग को 22 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत से अधिक किया गया है तथा राज्यभर में 14 हजार किलोमीटर नई पाइपलाइन बिछाई गई हैं।

स्वास्थ्य क्षेत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत राज्य के 65 लाख परिवारों को 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है। अब तक 30 लाख से अधिक परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं और लोगों को करीब 650 करोड़ रुपये के मुफ्त उपचार का लाभ मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार सरकारी खजाने के प्रत्येक रुपये का उपयोग जनता की भलाई और राज्य के विकास के लिए कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले चार वर्षों में पंजाब में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सिंचाई और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में व्यापक बदलाव देखने को मिले हैं और आने वाले समय में भी विकास की यह गति जारी रहेगी।

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