दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 24 जून 2026. पंजाब में मिट्टी की गिरती गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने के लिए पंजाब राज्य खाद्य आयोग और रीजेनेरेटिंग पंजाब संस्था ने मिलकर ‘जीवित मिट्टी मिशन’ तथा ‘धरती दियाँ धीयाँ’ जैसी महत्वाकांक्षी पहलों को आगे बढ़ाने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार की है। मंगलवार को चंडीगढ़ में आयोजित विस्तृत विचार-विमर्श बैठक में मिट्टी, जल, स्वास्थ्य और जलवायु के आपसी संबंधों को ध्यान में रखते हुए राज्य में एक व्यापक ‘सॉइल रीजनरेशन’ अभियान शुरू करने पर सहमति बनी।

बैठक की अध्यक्षता पंजाब राज्य खाद्य आयोग के चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि ‘मिट्टी तों थाली तक’ अभियान के विस्तार के रूप में शुरू की जा रही नई पहल का उद्देश्य मिट्टी की सेहत को पुनर्जीवित करना और गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन की नींव को मजबूत करना है। उन्होंने चिंता जताई कि पंजाब की मिट्टी में जैविक पदार्थ की मात्रा घटकर मात्र 0.5 प्रतिशत रह गई है, जबकि इसे कम से कम 5 प्रतिशत होना चाहिए, ताकि मिट्टी में मौजूद सूक्ष्म पोषक तत्वों की क्षमता को बढ़ाया जा सके।

रीजेनेरेटिंग पंजाब की संस्थापक सुमीत संधू ने कहा कि इस ‘रीजनरेटिव क्रांति’ को सफल बनाने के लिए मिट्टी एवं पर्यावरण, जल प्रबंधन, कृषि आजीविका, बाजार एवं मूल्य श्रृंखला तथा आंकड़ों से संबंधित विशेष कार्य समूह गठित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र की व्यापक भागीदारी के साथ राज्य स्तर पर मिट्टी की गुणवत्ता और उसकी क्षमता का वैज्ञानिक मूल्यांकन भी किया जाएगा।

बैठक में यह जानकारी भी साझा की गई कि मोगा जिले के घोलियां कलां गांव में एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित की जा चुकी है, जो भविष्य की योजनाओं के लिए मॉडल के रूप में कार्य करेगी।

इस अवसर पर ‘धरती दियाँ धीयाँ’ नामक नई पहल का भी शुभारंभ किया गया, जिसके तहत महिलाओं को मिट्टी संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन की अग्रणी के रूप में तैयार किया जाएगा। राज्य के 23 जिलों से 100 महिला नेताओं का चयन कर उन्हें ‘सॉइल रीजनरेशन चैंपियन’ के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे भूमि, जल और खाद्य प्रणालियों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

अभियान के अंतर्गत स्कूल स्तर पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से बच्चों और युवाओं को मिट्टी संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही किसानों और ग्रामीण समुदायों को भी इस मुहिम से जोड़कर सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा दिया जाएगा।

इस पहल की एक विशेष उपलब्धि ‘सॉइल कप’ प्रतियोगिता होगी, जिसके तहत उन गांवों को सम्मानित किया जाएगा, जो मिट्टी की उर्वरता, पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ भविष्य के निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करेंगे।

बैठक में रीजेनेरेटिंग पंजाब के सह-संस्थापक अरिंदम मुखर्जी, पंजाब टाउन प्लानिंग विभाग के पूर्व निदेशक एम.एस. औजला, घोलियां कलां के सरपंच एकमप्रीत सिंह तथा जैविक किसान चमकौर सिंह सहित कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया।

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