दैनिक खबरनामा | एस.ए.एस. नगर (मोहाली), 26 जून 2026. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोशल मीडिया पर वायरल हुई अपनी कथित वीडियो को पूरी तरह फर्जी बताते हुए दावा किया कि यह एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। उन्होंने मीडिया के सामने कई कथित सबूत पेश करते हुए कहा कि किसी अन्य व्यक्ति को उनका रूप देने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया मास्क (मुखौटा) इस्तेमाल किया गया और वीडियो कनाडा के एक होटल में शूट की गई।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कनाडा में रहने वाले जगमन समरा ने उनके चेहरे जैसा मास्क मंगवाया और उसी की मदद से यह वीडियो तैयार की गई। उन्होंने कहा कि मास्क की डिलीवरी के बाद समरा स्वयं कार में उसे हाथ में पकड़े हुए दिखाई देता है और बाद में उसी मास्क को पहनाकर वीडियो बनाई गई। उन्होंने यह भी कहा कि वीडियो में उनकी गर्दन पर मौजूद पुरानी सर्जरी का निशान दिखाई नहीं देता, जिससे स्पष्ट होता है कि वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति वह नहीं हैं।

भगवंत मान ने कहा कि वह वर्ष 2016 के बाद कभी कनाडा नहीं गए, जबकि कथित वीडियो कनाडा के एबॉट्सफोर्ड स्थित एक होटल के कमरे में शूट की गई है। उन्होंने दावा किया कि कमरे की बनावट और अन्य तकनीकी पहलू भी इस बात की पुष्टि करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे मामले में शामिल लोगों की पहचान कर ली गई है और जांच पूरी होने के बाद उन्हें सार्वजनिक रूप से बेनकाब किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रस्तुत किए गए सभी सबूत श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष भी रखे जाएंगे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का अनुरोध किया जाएगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई। उनका कहना था कि राजनीतिक विरोधी विकास के मुद्दों पर मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए फर्जी वीडियो और दुष्प्रचार का सहारा लिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि जिस व्यक्ति ने उनका मास्क तैयार कराया, उसने कथित रूप से अरविंद केजरीवाल का भी मास्क मंगवाया था और इस संबंध में भी आगे सबूत पेश किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में यह भी उजागर किया जाएगा कि इस पूरे अभियान को किसने वित्तपोषित किया, वीडियो किसने तैयार करवाई और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे।

भगवंत मान ने बताया कि मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और नए सबूत पुलिस को भी सौंपे जाएंगे। उन्होंने कहा कि आरोपी को वापस लाने के लिए इंटरपोल के माध्यम से कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही इस मामले को पंजाब विधानसभा की संबंधित समिति के समक्ष भी उठाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि पंजाब की जनता सच्चाई जानती है और वह इस पूरे मामले का फैसला लोगों तथा गुरु नानक नामलेवा संगत पर छोड़ते हैं। उन्होंने दोहराया कि उनकी आस्था श्री अकाल तख्त साहिब में पहले भी थी, आज भी है और हमेशा रहेगी।

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