

दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 03 जुलाई 2026. पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व और संगठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पार्टी के भीतर चल रही बैठकों और वरिष्ठ नेताओं की हालिया सक्रियता ने पंजाब की सियासत में नए समीकरणों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू कर दिया है।
राजनीतिक हलकों में सबसे अधिक चर्चा कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा की दिल्ली यात्रा को लेकर है। बताया जा रहा है कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता तरुण चुघ की मौजूदगी को लेकर भी कई तरह के राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, इस मुलाकात को लेकर किसी भी पक्ष की ओर से सार्वजनिक रूप से विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।
उधर, पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद पर अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को दोबारा जिम्मेदारी मिलने के बाद पार्टी के भीतर असंतोष की चर्चाएं भी सामने आई हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों के बीच इस फैसले को लेकर नाराजगी की बातें कही जा रही हैं।
इसी क्रम में चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने मोरिंडा स्थित आवास पर कांग्रेस नेताओं की एक बैठक आयोजित की। बैठक में पार्टी के कई वर्तमान और पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री तथा वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बैठक को संगठन के भीतर शक्ति प्रदर्शन और भविष्य की रणनीति तय करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
बैठक में विधायक तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, काला ढिल्लों, राणा गुरजीत सिंह, पूर्व उपमुख्यमंत्री ओ.पी. सोनी, पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु, गुरकीरत सिंह कोटली सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इसके अलावा कई पूर्व विधायक, पूर्व सांसद और अन्य कांग्रेस नेता भी बैठक में शामिल हुए।
हालिया घटनाक्रमों के बीच पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक एकजुटता और नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से किसी संभावित टूट या बड़े राजनीतिक फैसले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। आने वाले दिनों में वरिष्ठ नेताओं की गतिविधियों और कांग्रेस नेतृत्व की रणनीति पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी रहेगी।