दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 03 जुलाई 2026. पंजाब सरकार मध्य एशिया के उभरते बाजारों में अपने कृषि एवं खाद्य उत्पादों की पहुंच बढ़ाने की दिशा में सक्रिय कदम उठा रही है। इसी कड़ी में पंजाब राज्य खाद्य आयोग ने उज्बेकिस्तान के साथ व्यापार और निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत मंथन करते हुए दोनों क्षेत्रों के बीच आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने पर जोर दिया।
मैग्सीपा में आयोजित इस विचार-विमर्श में इन्वेस्ट पंजाब, पंजाब एग्रो और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में उज्बेकिस्तान के बाजार, निवेश की संभावनाओं और पंजाब के उत्पादों की मांग का आकलन करने के लिए विस्तृत बाजार सर्वेक्षण की आवश्यकता पर बल दिया गया।
पंजाब राज्य खाद्य आयोग के चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा ने कहा कि बासमती चावल, कृषि मशीनरी, ट्रैक्टर, मसाले, सरसों का तेल, पाम ऑयल, देसी घी, चाय, स्किम्ड मिल्क पाउडर, ड्रिप सिंचाई तकनीक, जल प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा तथा मार्कफेड और मिल्कफेड के प्रोसेस्ड फूड उत्पाद उज्बेकिस्तान में निर्यात की बड़ी संभावनाएं रखते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रोसेस्ड फूड क्षेत्र सबसे अधिक संभावनाओं वाला क्षेत्र है, क्योंकि उज्बेकिस्तान में कच्चे कृषि उत्पादों की उपलब्धता तो पर्याप्त है, लेकिन कोल्ड स्टोरेज और प्रोसेसिंग सुविधाओं की कमी के कारण पंजाब के खाद्य उत्पाद वहां बेहतर बाजार बना सकते हैं।
बैठक में पंजाब से निर्यात किए जाने वाले सामान के लिए उपयुक्त डिस्चार्ज पोर्ट और लॉजिस्टिक व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा की गई, ताकि व्यापार को अधिक प्रभावी और प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके।
ताशकंद से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े एआई विशेषज्ञ और अकाकॉर्प ग्लोबल टेक के जनरल डायरेक्टर योगेश कुमार ने कहा कि मध्य एशिया का बाजार पंजाब के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोल सकता है। उन्होंने बताया कि उज्बेकिस्तान में तेजी से हो रहा डिजिटल विस्तार और निवेश के अनुकूल माहौल भारतीय कारोबारियों के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है।
बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि यदि रणनीतिक योजना के तहत व्यापारिक सहयोग को आगे बढ़ाया जाए तो पंजाब और उज्बेकिस्तान के बीच कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और एग्री-टेक क्षेत्र में दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी विकसित की जा सकती है।