दैनिक खबरनामा । शिमला, 4 जुलाई: शिमला के संजौली में सरस्वती पैराडाइज स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल की हत्या के मामले में पुलिस ने जांच पूरी कर ली है। 13 जून को हुई इस वारदात के मुख्य आरोपी मनीषा के अपने भाई हेमांक मित्तल को हरियाणा के रोहतक से हिरासत में लेकर शिमला लाया गया है।
पुलिस ने हेमांक के साथ उसके कारोबारी साथी गोविंद को भी गिरफ्तार किया है। दोनों को अब न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि वारदात में इस्तेमाल हथियार समेत केस से जुड़े सभी जरूरी सबूत जब्त कर लिए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि संपत्ति को लेकर दोनों ने मिलकर पूरी साजिश रची थी।
कैसे हुआ खुलासा
संजौली में स्कूल के पास मनीषा मित्तल को दिनदहाड़े गोली मारी गई थी। घटना के बाद शिमला पुलिस ने विशेष जांच टीम बनाकर काम शुरू किया था। तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई। जांच के पहले चरण में ही वारदात को अंजाम देने वाले दो शूटरों को पकड़ लिया गया था।
पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि इस पूरे षड्यंत्र के पीछे हेमांक मित्तल और उसका पार्टनर गोविंद थे। हेमांक की तबीयत ठीक न होने के कारण उसे पहले अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया था। बाद में उसे शिमला लाकर सीधे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक फोरेंसिक रिपोर्ट, आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज, मोबाइल की कॉल डिटेल और अन्य परिस्थितिजन्य सबूतों को जोड़कर केस की पूरी कड़ी तैयार की गई है। अब जल्द ही अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा।
क्या हुआ था 13 जून को
पुलिस के अनुसार संजौली में स्कूल के गेट के बाहर दो नकाबपोश हमलावरों ने मनीषा पर ताबड़तोड़ तीन गोलियां चलाईं थीं। गोली लगने से 41 वर्षीय मनीषा की मौके पर ही मौत हो गई थी। मनीषा डॉ. सुभाष यादव की पत्नी थीं और हरियाणा के रेवाड़ी स्थित एनएच-8 गोल्टन हाइट्स विला सोसायटी-150 की निवासी थीं।
पुलिस का कहना है कि अब केस से जुड़ी सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर फाइल अदालत में सौंपी जाएगी।