दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 4 जुलाई 2026. पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आ रही है। इस योजना के तहत मोहाली के रहने वाले नाई मोहम्मद जुल्फकार का घुटने का महंगा ऑपरेशन पूरी तरह मुफ्त किया गया, जिससे अब उन्हें दोबारा अपने काम पर लौटने और परिवार की आजीविका संभालने की नई उम्मीद मिली है।
कुछ समय पहले एक सड़क हादसे में मोहम्मद जुल्फकार के घुटने में गंभीर चोट लग गई थी। लंबे समय तक खड़े रहकर काम करने वाला उनका पेशा इस चोट के बाद लगभग ठप हो गया। महंगे इलाज का खर्च उठाना उनके लिए संभव नहीं था और परिवार की रोजी-रोटी को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही थी।
इसी दौरान उन्हें पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना की जानकारी मिली। मोहाली के जिला अस्पताल में उनका आधुनिक तकनीक से घुटने का ऑपरेशन किया गया, जिस पर 53,455 रुपये का खर्च आया। योजना के तहत पूरा खर्च सरकार ने वहन किया, जिससे उन्हें बिना किसी आर्थिक बोझ के उपचार मिल सका।
मोहम्मद जुल्फकार ने कहा कि जब उन्हें पता चला कि इलाज का पूरा खर्च योजना के अंतर्गत कवर होगा तो ऐसा लगा जैसे सिर से बहुत बड़ा बोझ उतर गया हो। अब उनकी सेहत तेजी से सुधर रही है और जल्द ही वे अपनी दुकान पर लौटकर पहले की तरह ग्राहकों की सेवा कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि यह इलाज केवल उनके घुटने का ऑपरेशन नहीं था, बल्कि उनके आत्मविश्वास और परिवार की आजीविका को भी नया जीवन देने वाला साबित हुआ है।
राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को आधुनिक सर्जिकल उपचार पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने लोगों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करने तथा कार्यस्थलों और खेल गतिविधियों के दौरान सुरक्षा उपाय अपनाने की भी अपील की।
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, रिपोर्टिंग अवधि के दौरान मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत 190 ऑर्थोपेडिक सर्जरी कराई गईं, जिन पर 53.38 लाख रुपये खर्च किए गए। इनमें सबसे अधिक फ्रैक्चर से संबंधित ऑपरेशन शामिल रहे, जिससे स्पष्ट होता है कि योजना गंभीर चोटों से जूझ रहे जरूरतमंद मरीजों के लिए प्रभावी राहत का माध्यम बन रही है।
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के माध्यम से पंजाब सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी किसी भी जरूरतमंद मरीज के इलाज में बाधा न बने और हर पात्र नागरिक को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।