दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 4 जुलाई 2026. पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही लड़ाई अब जनसहयोग के दम पर नई मजबूती हासिल कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चल रहे ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत शुरू की गई ‘सेफ पंजाब’ गुप्त व्हाट्सएप हेल्पलाइन लोगों के भरोसे का बड़ा माध्यम बनकर उभरी है। इस पहल के जरिए मिली सूचनाओं के आधार पर अब तक 17,120 मामले दर्ज किए गए हैं और 21,962 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्यभर से 43,520 से अधिक गोपनीय सूचनाएं हेल्पलाइन पर प्राप्त हुई हैं। इन सूचनाओं की जांच के बाद संबंधित जिला पुलिस इकाइयों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नशा तस्करों और उनके नेटवर्क पर लगातार शिकंजा कसा है। शिकायतकर्ताओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखे जाने के कारण बड़ी संख्या में लोग बिना किसी डर के पुलिस का सहयोग कर रहे हैं।
व्हाट्सएप हेल्पलाइन के साथ-साथ ई-रिक्शाओं के माध्यम से भी लोगों से गुप्त सूचनाएं जुटाने का अभियान चलाया जा रहा है। अब तक यह पहल 3,440 गांवों तक पहुंच चुकी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी नशा तस्करी के खिलाफ जनभागीदारी लगातार बढ़ रही है।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने कहा कि लोगों की सक्रिय भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि वे नशामुक्त वातावरण चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जब नागरिकों को यह भरोसा होता है कि उनकी पहचान पूरी तरह सुरक्षित रहेगी, तो वे नशा तस्करों के खिलाफ खुलकर जानकारी देने के लिए आगे आते हैं, जिससे पुलिस को प्रभावी कार्रवाई करने में मदद मिलती है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह ने कहा कि नशों के खिलाफ स्थायी सफलता केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं, बल्कि जनभागीदारी, जागरूकता और पुनर्वास जैसे प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नशा तस्करी से जुड़ी किसी भी गतिविधि की सूचना बिना किसी भय के साझा करें, ताकि पंजाब को नशामुक्त बनाने का अभियान और मजबूत हो सके।
सरकार का मानना है कि ‘सेफ पंजाब’ हेल्पलाइन नशा विरोधी मुहिम का प्रभावी हथियार बन चुकी है। जनता के सहयोग और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से राज्य में नशा तस्करी पर लगातार शिकंजा कस रहा है और सुरक्षित, नशामुक्त पंजाब के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो रही है।