दैनिक खबरनामा
6 जुलाई मुंबई: महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भारी वर्षा के चलते मुंबई और आसपास के इलाकों में कई आपात स्थितियां पैदा हो गई हैं। मुंबई में दो स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जहां मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका है। राहत एवं बचाव कार्य के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमों को मौके पर भेजा गया है। वहीं, खराब मौसम के कारण मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे और पुराना मुंबई-पुणे हाईवे बंद कर दिया गया है, जबकि कई रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
मानखुर्द के मंडाला क्षेत्र में रविवार रात भारी बारिश के दौरान तीन मंजिला चॉल का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। अधिकारियों के अनुसार, रात करीब 8:30 बजे इमारत की दो से तीन रिहायशी इकाइयां ढह गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गिरा हुआ हिस्सा पास स्थित एक झोपड़ी पर भी आ गिरा। इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को मुंबई, ठाणे और रायगढ़ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने इन क्षेत्रों में अत्यधिक भारी वर्षा, 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ तूफान आने की चेतावनी दी है। मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए पहले जारी ऑरेंज अलर्ट को रेड अलर्ट में बदल दिया गया।
IMD ने चेताया है कि लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, अचानक बाढ़, नदियों का जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन जैसी घटनाओं का खतरा बना हुआ है। तेज हवाओं से पेड़ों के गिरने और जर्जर इमारतों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई गई है। कोंकण तट पर समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना के चलते सड़क, रेल, हवाई और फेरी सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने, जर्जर इमारतों, पेड़ों, बिजली के खंभों और बड़े होर्डिंग्स से दूर रहने की अपील की है। साथ ही लोगों को समुद्र तटों और जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक BMC की हेल्पलाइन 1916 पर संपर्क कर सकते हैं। हालात से निपटने के लिए BMC और अन्य सरकारी एजेंसियों के करीब 15,000 अधिकारी एवं कर्मचारी विभिन्न स्थानों पर तैनात किए गए हैं।
भारी बारिश के कारण मुंबई-पुणे रेल मार्ग भी प्रभावित हुआ है। मध्य रेलवे के मुताबिक, करजत और लोनावला के बीच भोर घाट सेक्शन में दो स्थानों पर भूस्खलन होने से तीनों रेलवे लाइनें बाधित हो गई हैं। इसके चलते कई ट्रेनों को रद्द, मार्ग परिवर्तित, पुनर्निर्धारित या आंशिक रूप से संचालित किया जा रहा है। रेलवे ने यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की नवीनतम स्थिति की जांच करने की सलाह दी है।
उधर, पुणे जिले में सोमवार सुबह पाटन क्षेत्र के एक दूरस्थ गांव में भी भूस्खलन की घटना हुई, जिसमें एक मकान मलबे के नीचे दब गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घर में रहने वाला पूरा परिवार मलबे में फंसा हो सकता है। जिला सूचना कार्यालय, पुणे ने बताया कि फिलहाल किसी भी जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बचाव अभियान जारी है और सहायता के लिए पुणे स्थित NDRF की 5वीं बटालियन की 30 सदस्यीय टीम, जिसमें एक अधिकारी, दो वरिष्ठ अधिकारी और 27 जवान शामिल हैं, मौके पर भेजी गई है।