दैनिक खबरनामा
6 जुलाई
अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को दोपहर 3 बजे अयोध्या स्थित राम मंदिर परिसर में आयोजित होगी। यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब मंदिर में दान राशि में कथित हेराफेरी के मामले की जांच जारी है। बैठक का आयोजन ट्रस्ट अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के मठ ‘मणि राम छावनी’ में किया जाएगा।
बैठक का सबसे प्रमुख एजेंडा ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा द्वारा दिए गए इस्तीफों पर फैसला लेना है। दोनों ने दान चोरी विवाद में नाम सामने आने के बाद 26 जून को अपने पदों से इस्तीफा दिया था। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने 27 जून को इसकी पुष्टि की थी। यदि दोनों के इस्तीफे स्वीकार किए जाते हैं, तो ट्रस्ट के नए प्रशासनिक ढांचे और जिम्मेदारियों के पुनर्गठन पर भी चर्चा की जाएगी।
ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव ने बताया कि बैठक के लिए सभी 14 ट्रस्टियों को आमंत्रित किया गया है और उन्हें उम्मीद है कि सभी सदस्य इसमें शामिल होंगे। बैठक में गोपाल राव की भूमिका पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है।
बैठक में पदेन सदस्यों के रूप में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रशांत लोखंडे, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय प्रसाद, अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी तथा प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा के शामिल होने की संभावना है। वहीं, अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास स्वयं बैठक में उपस्थित रह सकते हैं और वरिष्ठ ट्रस्टी के. परासरन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ सकते हैं।
बैठक के दौरान दान राशि में कथित हेराफेरी की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट की जानकारी भी ट्रस्ट सदस्यों के सामने रखी जा सकती है। इसके अलावा राम मंदिर के भविष्य के प्रबंधन की रूपरेखा, वर्ष 2025-26 के बिना ऑडिट वाले आय-व्यय का विवरण, बैलेंस शीट और अन्य वित्तीय दस्तावेजों को मंजूरी के लिए प्रस्तुत किए जाने की संभावना है।
ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति पर भी चर्चा प्रस्तावित है। वर्तमान में ट्रस्ट में 11 नियमित सदस्य हैं, जिनमें अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास और कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि प्रमुख हैं। चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे तथा बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन के बाद ट्रस्ट में उपाध्यक्ष का पद रिक्त है।
दान में कथित गबन के मामले की जांच एसआईटी और पुलिस दोनों स्तरों पर चल रही है। जांच एजेंसियां चंपत राय, अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव के बयान दर्ज कर चुकी हैं। हालांकि, अब तक उनके खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।
गौरतलब है कि छह जून को मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट के अनुरोध पर 13 जून को एसआईटी का गठन किया गया था। इसके बाद 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई और आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। चढ़ावे की गणना और मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी चंपत राय और अनिल मिश्रा के पास होने के कारण शुरुआत से ही दोनों पर सवाल उठते रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में दोनों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा, जिसके बाद ट्रस्ट के सदस्य अंतिम निर्णय लेंगे।