दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 8 जुलाई 2026. पंजाब के जल आपूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री सरदार हरदीप सिंह मुंडियां ने आज विभाग में चयनित 52 नव नियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। पंजाब भवन में आयोजित समारोह के दौरान उन्होंने सभी चयनित उम्मीदवारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इन नियुक्तियों से विभाग में कर्मचारियों की कमी दूर होगी और विकास परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने में सहायता मिलेगी।

मंत्री ने बताया कि इन 52 नियुक्तियों को सरकार की अनुकंपा नियुक्ति नीति के तहत किया गया है। चयनित कर्मचारियों में कनिष्ठ प्रारूपकार, लिपिक, सेवादार, सफाई कर्मचारी, कनिष्ठ तकनीशियन तथा सहायक तकनीशियन शामिल हैं।
उन्होंने नव नियुक्त कर्मचारियों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ करने का आह्वान करते हुए कहा कि पंजाब सरकार एक ओर जहां लोगों को गुणवत्तापूर्ण पेयजल और स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, वहीं दूसरी ओर योग्य युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि नई भर्तियों से विभाग की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और राज्यभर में विकास कार्यों को और अधिक गति मिलेगी।
हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार विभिन्न विभागों में पूरी पारदर्शिता के साथ भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। इसी नीति के तहत राज्य सरकार अब तक पंजाब के युवाओं को 68 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान कर चुकी है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से लेकर अब तक जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग में विभिन्न श्रेणियों के कुल 520 पदों पर नियुक्तियां की जा चुकी हैं। इनमें पहले की गई 468 नियुक्तियां भी शामिल हैं, जिनमें उप मंडल अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, कनिष्ठ प्रारूपकार, लिपिक, आशुलिपिक, कनिष्ठ तकनीशियन, सहायक तकनीशियन, सेवादार, चौकीदार तथा सफाई कर्मचारी जैसे पद शामिल हैं। ये सभी कर्मचारी वर्तमान में राज्य के विभिन्न जिलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि नव नियुक्त कर्मचारी पूरी लगन और जिम्मेदारी के साथ कार्य करेंगे तथा विभाग की प्रगति को नई दिशा देने के साथ-साथ जनसेवा को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य लोगों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाना और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है, जिसके लिए मानव संसाधन का सुदृढ़ होना अत्यंत आवश्यक है।