दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 8 जुलाई 2026. बरसात के मौसम में पशुओं को गंभीर बीमारियों से बचाने के उद्देश्य से पंजाब सरकार ने राज्यव्यापी टीकाकरण अभियान को तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने गायों और भैंसों को रक्तस्रावी सेप्टीसीमिया नामक जानलेवा बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए 57 लाख 70 हजार 979 पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है।
पंजाब के पशुपालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य पालन मंत्री सरदार गुरमीत सिंह खुड्डियां ने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि 30 जुलाई 2026 तक राज्यभर में निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक 16 लाख 49 हजार 598 पशुओं का सफलतापूर्वक टीकाकरण किया जा चुका है। यह पशुधन को मौसमी बीमारियों से बचाने के लिए सरकार की गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि बरसात के मौसम में यह बीमारी तेजी से फैलती है और समय पर लगाया गया टीका ही इससे बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पशुपालकों की आजीविका और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले डेयरी क्षेत्र की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने राज्य के पशुपालकों से अपील की कि वे अपने पशुओं का टीकाकरण करवाने में किसी प्रकार की देरी न करें और निकटतम सरकारी पशु चिकित्सालय या पशु औषधालय से तुरंत संपर्क करें। उन्होंने बताया कि यह अभियान राज्य के व्यापक पशु चिकित्सा नेटवर्क के माध्यम से चलाया जा रहा है तथा सभी संस्थानों में पर्याप्त मात्रा में टीके उपलब्ध कराए गए हैं।
मंत्री ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए टीकों के सुरक्षित भंडारण और परिवहन की व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। साथ ही संवेदनशील तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष त्वरित कार्रवाई दल भी तैनात किए गए हैं ताकि अधिक से अधिक पशुओं तक पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
पशुपालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य पालन विभाग के प्रमुख सचिव राहुल भंडारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शेष लक्ष्य को निर्धारित समय सीमा से पहले पूरा करने के लिए अभियान में और तेजी लाई जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोई भी गांव इस अभियान से वंचित नहीं रहना चाहिए, क्योंकि यह केवल पशुओं के स्वास्थ्य ही नहीं बल्कि पंजाब की डेयरी आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने यह भी बताया कि पूरे लक्ष्य को हासिल करने के लिए पर्याप्त मात्रा में टीकों का प्रबंध पहले ही कर लिया गया है। विभाग की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है ताकि राज्य के प्रत्येक पशुपालक को इस अभियान का लाभ मिल सके और पशुधन को जानलेवा बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सके।