दैनिक खबरनामा | एस.ए.एस. नगर (मोहाली), 16 जुलाई 2026. पंजाब में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गुरुवार को मोहाली स्थित विकास भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 2,800 नए राशन डिपो धारकों को लाइसेंस वितरित किए। इस पहल से राज्य के लगभग 5.5 लाख राशन कार्ड धारकों को राहत मिलेगी, जिन्हें अब राशन लेने के लिए लंबी दूरी तय करने या घंटों कतारों में खड़े रहने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य राशन वितरण व्यवस्था को लोगों के घरों के अधिक निकट पहुंचाना है, ताकि प्रत्येक पात्र परिवार को समय पर और सुगमता से खाद्यान्न उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हर गांव और हर शहर में राशन डिपो स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई डिपो आवंटन नीति के तहत चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और योग्यता आधारित रखी गई। पहले जहां राशन डिपो के लाइसेंस सिफारिशों के आधार पर दिए जाते थे, वहीं अब इंटरव्यू आधारित प्रणाली लागू कर पक्षपात की संभावना को समाप्त किया गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने लाइसेंस आवंटन में समाज के सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया है। 2,800 नए लाइसेंसों में से 633 अनुसूचित जाति वर्ग, 199 अन्य पिछड़ा वर्ग, 181 पूर्व सैनिकों, 39 स्वतंत्रता सेनानी परिवारों, 156 दिव्यांग व्यक्तियों तथा 17 दंगा प्रभावित परिवारों को दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट राशन कार्ड योजना के तहत पंजाब के 40 लाख परिवारों को मुफ्त गेहूं और ‘मेरी रसोई’ राशन किट उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों तक खाद्य सुरक्षा पहुंचाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी परिवार भूखा न सोए।

नवनियुक्त राशन डिपो धारकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल रोजगार का अवसर नहीं, बल्कि समाज सेवा की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है। उन्होंने डिपो धारकों से अपील की कि वे बुजुर्गों, दिव्यांगों और जरूरतमंद परिवारों के प्रति विशेष संवेदनशीलता दिखाएं तथा जहां संभव हो, दिव्यांग लाभार्थियों तक राशन उनके घरों तक पहुंचाने का प्रयास करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सभी नीतियां और फैसले जनकल्याण को केंद्र में रखकर लिए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में 90 प्रतिशत से अधिक परिवारों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को पहली बार दिन के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई जा रही है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा, सिंचाई और जल संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य में शुरू की गई सड़क सुरक्षा फोर्स (एसएसएफ) के कारण सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में उल्लेखनीय कमी आई है। वहीं नहरी पानी के उपयोग में भी बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे भूजल स्तर में सुधार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब के संसाधनों और अधिकारों की रक्षा के लिए उनकी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स का प्रत्येक रुपया लोगों की भलाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर खर्च किया जा रहा है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक सहित कई गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि नए राशन डिपो राज्य में जनसेवा और रोजगार सृजन का नया अध्याय साबित होंगे तथा सरकार ईमानदारी, पारदर्शिता और लोककल्याण के सिद्धांतों पर चलते हुए ‘रंगला पंजाब’ के निर्माण के लिए लगातार कार्य करती रहेगी।