दैनिक खबरनामा। शिमला, 17 जुलाई : भारत सरकार के सचिव (विद्युत) श्री पंकज अग्रवाल ने नेपाल में निर्माणाधीन एसजेवीएन की 900 मेगावाट अरुण-3 जलविद्युत परियोजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। भारत-नेपाल ऊर्जा सहयोग की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस अंतरराष्ट्रीय परियोजना का विकास एसजेवीएन अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी एसजेवीएन अरुण-3 पावर डेवलपमेंट कंपनी (एसएपीडीसी) के माध्यम से कर रहा है।
सचिव (विद्युत) के नेतृत्व में पहुंचे उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के अध्यक्ष घनश्याम प्रसाद, विद्युत मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (हाइड्रो) दिवाकर नाथ मिश्रा, संयुक्त सचिव (पारेषण) पंकज कुमार, एसजेवीएन के निदेशक (परियोजनाएं) राजेश कुमार चंदेल तथा विद्युत मंत्रालय, भारतीय दूतावास, सीईए, एसजेवीएन और एसएपीडीसी के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने सबसे पहले पुखुवा स्थित भूमिगत विद्युतगृह का निरीक्षण किया, जहां सिविल और इलेक्ट्रो-मैकेनिकल कार्यों सहित परियोजना के विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने निर्माण कार्यों, कार्यान्वयन रणनीति तथा परियोजना की अब तक की उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने फाक्सिंडा स्थित बांध स्थल का दौरा कर बांध संरचना, इनटेक सिस्टम तथा अन्य महत्वपूर्ण अवसंरचनात्मक कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया।
समीक्षा बैठक के दौरान सचिव (विद्युत) श्री पंकज अग्रवाल ने चुनौतीपूर्ण हिमालयी क्षेत्र में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए एसजेवीएन और एसएपीडीसी की सराहना की। उन्होंने कहा कि परियोजना टीम को वर्तमान कार्यगति बनाए रखते हुए गुणवत्ता, सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों का पूरी तरह पालन करना चाहिए, ताकि परियोजना निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी हो सके।
एसजेवीएन के निदेशक (परियोजनाएं) राजेश कुमार चंदेल ने परियोजना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करते हुए समयबद्ध तरीके से कमीशनिंग का लक्ष्य हासिल करने के लिए उत्कृष्ट कार्य जारी रखने का आह्वान किया।
एसएपीडीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पंकज चौधरी ने प्रतिनिधिमंडल को परियोजना के विभिन्न निर्माण पैकेजों की प्रगति, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन कार्यों, सामुदायिक विकास कार्यक्रमों तथा पर्यावरण संरक्षण उपायों की विस्तृत जानकारी दी।
गौरतलब है कि 900 मेगावाट क्षमता वाली अरुण-3 जलविद्युत परियोजना एसजेवीएन की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में शामिल है। परियोजना के शुरू होने के बाद यह स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारत और नेपाल के बीच ऊर्जा सहयोग एवं क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान करेगी।