दैनिक खबरनामा। नई दिल्ली, 22 जुलाई: केंद्र सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को नौकरी में बड़ा अवसर देने का फैसला किया है। गृह मंत्रालय ने मंगलवार को लोकसभा में जानकारी दी कि अब केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और असम राइफल्स में कॉन्स्टेबल जनरल ड्यूटी व राइफलमैन की भर्तियों में 50 प्रतिशत पद पूर्व अग्निवीरों के लिए सुरक्षित रहेंगे।
लिखित उत्तर में गृह राज्य मंत्री *नित्यानंद राय* ने बताया कि इस उद्देश्य से भर्ती प्रक्रिया में ‘पूर्व-अग्निवीर’ नाम से एक नई श्रेणी जोड़ी गई है। इस श्रेणी के तहत कुल रिक्तियों का आधा हिस्सा पूर्व अग्निवीरों के लिए निर्धारित किया जाएगा।
उम्र और चयन प्रक्रिया में क्या राहत मिलेगी
सरकार ने आयु सीमा में भी छूट का प्रावधान किया है। सामान्य अधिकतम आयु सीमा में 3 साल की छूट मिलेगी। वहीं अग्निवीर योजना के पहले बैच के अभ्यर्थियों को 5 साल की अतिरिक्त छूट दी जाएगी।
चयन के स्तर पर भी सहूलियत दी गई है। पूर्व अग्निवीरों को सीआरपीएफ कॉन्स्टेबल जनरल ड्यूटी और राइफलमैन पदों की भर्ती में फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट, फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट और लिखित परीक्षा से गुजरना नहीं पड़ेगा।
मंत्री ने सदन को यह भी बताया कि पूर्व अग्निवीरों के करियर को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के लिए गृह मंत्रालय के अधीन एक विशेष ‘पूर्व-अग्निवीर विंग’ गठित की गई है। उल्लेखनीय है कि अग्निवीर योजना के पहले बैच की 4 साल की सेवा अवधि अभी पूरी नहीं हुई है।
भर्ती नियमों में हुआ संशोधन
गृह मंत्रालय ने दिसंबर 2025 में एक अधिसूचना जारी कर ‘बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स, जनरल ड्यूटी कैडर नॉन-गजेटेड भर्ती नियम, 2015’ में बदलाव किया था। इस बदलाव के बाद बीएसएफ में कॉन्स्टेबल जनरल ड्यूटी पदों पर पूर्व अग्निवीरों का कोटा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया।
अधिसूचना के अनुसार हर भर्ती वर्ष में सीधी भर्ती की 50 प्रतिशत सीटें पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित रहेंगी। इसके साथ ही वार्षिक रिक्तियों में पूर्व सैनिकों के लिए 10 प्रतिशत और कॉम्बैटाइज्ड कॉन्स्टेबल ट्रेड्समैन के लिए 3 प्रतिशत पद पहले से आरक्षित रहेंगे।
गौरतलब है कि सीआरपीएफ ने भी पिछले साल मई में अपने भर्ती नियमों में इसी तरह का संशोधन करके पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण का प्रावधान किया था।