दैनिक खबरनामा। शिमला, 23 जुलाई: हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने किन्नौर के पोवारी पंचायत द्वारा किन्नर कैलाश यात्रा पर लगाए गए प्रतिबंध को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि सदियों पुरानी इस धार्मिक यात्रा को रोकने का अधिकार पंचायत के पास नहीं है।
न्यायमूर्ति ज्योत्सना रिवाल दुआ की एकलपीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यात्रा राज्य सरकार और प्रशासन द्वारा गठित शीर्ष समिति के तय प्रोटोकॉल के अनुसार संचालित होती है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि किसी पंजीकृत सहकारी समिति को भंग करना या पूरे देश के श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस पारंपरिक आयोजन को बंद करना पंचायत के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
अदालत ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए यात्रा को बिना रुकावट चलाया जाए। साथ ही पोवारी पंचायत को आदेश दिया कि वह यात्रा में किसी तरह की अड़चन या दखल न दे।
इस वर्ष की यात्रा 1 जुलाई से शुरू हो चुकी है और निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक 30 जुलाई तक चलेगी। कोर्ट ने सभी पक्षों से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को होगी।
गौरतलब है कि पोवारी पंचायत ने 13 जुलाई 2026 को ग्रामसभा की विशेष बैठक बुलाई थी। बैठक में 112 लोगों ने यात्रा के विरोध में राय दी, जबकि 62 लोग इसके पक्ष में थे। बहुमत के आधार पर पंचायत ने यात्रा पर स्थायी रोक लगाने और आयोजन से जुड़ी पंजीकृत संस्था “श्री प्रकाशंकरा किन्नर कैलाश यात्रा सोसायटी” को भंग करने का प्रस्ताव पारित कर दिया था।
अब हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन यात्रा को सुचारू रूप से आगे बढ़ाएगा।